बेंगलुरु, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस के खिलाफ राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी के महिला मोर्चा ने कांग्रेस को “महिला विरोधी” बताते हुए सड़कों पर उतरने की घोषणा की है।
बेंगलुरु स्थित भाजपा कार्यालय ‘जगन्नाथ भवन’ में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलावादी नारायणस्वामी मौजूद रहे। इस दौरान “महिला शक्ति को रोकने वाले हाथ, महिलाओं के अधिकार दबाने वाली कांग्रेस” शीर्षक वाला पोस्टर भी जारी किया गया।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सी. मंजुला ने कहा कि महिला राजनीतिक आरक्षण को लेकर जश्न की तैयारी थी, लेकिन अब यह गुस्से में बदल गई है। उन्होंने बताया कि शनिवार को मैसूरु, गडग, नेलमंगला, कोलार सहित कई जगहों पर प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं और यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, “यह आक्रोश तब तक जारी रहेगा, जब तक कांग्रेस को सत्ता से हटाया नहीं जाता।” साथ ही रविवार को बेंगलुरु शहर के तीन जिलों में भी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है।
मंजुला ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर आंतरिक विरोधाभास होने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों की “महिला विरोधी नीतियों” को उजागर करेगी।
भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष मालविका अविनाश ने कहा कि लगभग सात दशक के संघर्ष के बाद महिला आरक्षण विधेयक लागू होने के करीब था, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इसे कमजोर किया, जो लोकतंत्र का अपमान है।
उन्होंने कहा, “देश की महिलाएं कांग्रेस द्वारा किए गए इस अपमान को कभी माफ नहीं करेंगी। आने वाले दिनों में महिलाओं की प्रतिक्रिया कांग्रेस को देखने को मिलेगी।”
अविनाश ने यह भी आरोप लगाया कि संसद में कुछ पार्टियां निजी कंपनियों की तरह चलाई जा रही हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी, डीएमके और कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस में प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और इंदिरा गांधी जैसे परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि आम महिलाओं को अवसर नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि देश की आम महिलाएं संसद और विधानसभाओं में पहुंचने की इच्छा रखती हैं, लेकिन इन पार्टियों द्वारा उन्हें अवसर नहीं दिया जाता।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता दिखाया, लेकिन विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया में बाधा डाली।
–आईएएनएस
डीएससी
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