चिक्काबल्लापुर (कर्नाटक), 5 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर आई है, जहां प्रेम प्रसंग के चलते दो लोगों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान सुजाता और रमनजिनप्पा के रूप में हुई है। पुलिस जांच में पता चला है कि रामनजिनप्पा ने पहले सुजाता को जिंदा जला दिया और फिर पुलिस की गिरफ्तारी के डर से खुद भी अपनी जान ले ली। यह घटना डोड्डाबल्लापुरा शहर के पास जिंके बच्चाहल्ली में हुई।
पुलिस के अनुसार, मृतक 35 वर्षीय विवाहित महिला सुजाता देवनाहल्ली की रहने वाली थी और उसका कथित तौर पर मरासंद्रा के रमनजिनप्पा नाम के एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंध था। रमनजिनप्पा अपनी पत्नी से चार महीने पहले ही अलग हो गया था और वह प्रेमिका पर भी पति से अलग होने का दबाव डाल रहा था।
पुलिस के अनुसार, सुजाता अपने प्रेमी के प्रभाव में आकर उसके साथ रहने लगी थी। लेकिन, जब उसने अपने पति को हमेशा के लिए छोड़ने से मना कर दिया, तो स्थिति बिगड़ गई।
2 अप्रैल को रमनजिनप्पा ने कथित तौर पर उस कार में आग लगा दी, जिसमें सुजाता बैठी थी, जिससे वह जिंदा जल गई। इस घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया।
पुलिस जांच में बाद में पता चला कि इस घटना में इस्तेमाल की गई कार मारसंद्रा के सुरेश नाम के व्यक्ति की थी। यह भी सामने आया कि रमनजिनप्पा ने सुरेश से वह गाड़ी ली थी और उसी का इस्तेमाल इस वारदात को अंजाम देने में किया।
जब पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, तो बताया जाता है कि रमनजिनप्पा छिप गया था। अब यह कहा जा रहा है कि गिरफ्तारी के डर से उसने आत्महत्या कर ली। उसने बेंगलुरु के बाहरी इलाके में बिदादी के पास एक ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी।
इस घटना का मामला डोड्डाबल्लापुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
ऐसी ही एक घटना में, मार्च 2025 में मैसूर की एक अदालत ने कवलंदे थाना क्षेत्र के हलेपुरा गांव के रहने वाले महादेवनयका को जुलाई 2022 में अपनी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या करने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
महादेवनयका का उसी गांव की एक महिला के साथ लगभग 20 वर्षों से अवैध संबंध था। इन वर्षों में उसने उस महिला की आर्थिक मदद भी की थी। हालांकि, हत्या से तीन महीने पहले दोनों के बीच झगड़ा हो गया था। उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसकी देखभाल करने के बावजूद वह अन्य पुरुषों के साथ संबंध रखती है।
जब कवलंदे पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, तो विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को बुलाया गया और बाद में उन्हें वापस भेज दिया गया। हालांकि, पुलिस में शिकायत दर्ज होने के कारण महादेवनयका के मन में उस महिला के प्रति नाराजगी बनी रही और उसने उसकी हत्या कर दी।
अदालत ने महादेवनयका को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, यानी उसे पूरी उम्र जेल में रहना होगा।
–आईएएनएस
एसएचके/एएस
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