केरल चुनाव नतीजे: शुरुआती रुझानों में पीछे चल रहे हैं मुख्यमंत्री विजयन

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तिरुवनंतपुरम, 4 मई (आईएएनएस)। पहली बार मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पीछे चल रहे हैं, और उनके कई कैबिनेट सहयोगी भी पिछड़ते नजर आ रहे हैं। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ, जो अपने गृह क्षेत्र में खुद भी चुनावी मुकाबले में हैं, ने कहा कि यह एक स्पष्ट रुझान है और उन्हें सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता। जैसे-जैसे मतगणना तेज हो रही है, यह सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के लिए एक चुनौतीपूर्ण दिन का संकेत दे रही है। ताजा रुझानों के अनुसार, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन समेत 14 मंत्री अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं। 2021 में…

तिरुवनंतपुरम, 4 मई (आईएएनएस)। पहली बार मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पीछे चल रहे हैं, और उनके कई कैबिनेट सहयोगी भी पिछड़ते नजर आ रहे हैं। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ, जो अपने गृह क्षेत्र में खुद भी चुनावी मुकाबले में हैं, ने कहा कि यह एक स्पष्ट रुझान है और उन्हें सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता।

जैसे-जैसे मतगणना तेज हो रही है, यह सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के लिए एक चुनौतीपूर्ण दिन का संकेत दे रही है।

ताजा रुझानों के अनुसार, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन समेत 14 मंत्री अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं। 2021 में विजयन ने धर्मडम सीट 50,000 वोटों के अंतर से जीती थी।

कांग्रेस-नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) 93 सीटों पर आगे है, जबकि वाम मोर्चा 42 और भाजपा पांच सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

हालांकि, व्यापक तस्वीर कांग्रेस-नेतृत्व वाले यूडीएफ के मजबूत उभार की ओर इशारा करती है, जिसने ईवीएम की शुरुआती मतगणना के बाद स्पष्ट बढ़त बना ली है।

गठबंधन कई सीटों पर आगे चल रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि उसका अभियान—जो सत्ता विरोधी लहर, बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार के आरोपों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर केंद्रित था—मतदाताओं को प्रभावित कर रहा है।

एलडीएफ, जो लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत का लक्ष्य लेकर चल रहा था, कई मौजूदा सीटों पर स्पष्ट विरोध का सामना कर रहा है।

मंत्रियों का पीछे चलना इस चुनौती की गंभीरता को दर्शाता है और यह सवाल उठाता है कि क्या उसके वोट बैंक में कमी आई है और उसके विकास व कल्याण के नैरेटिव की सीमाएं सामने आ रही हैं।

पार्टी नेताओं, जिनमें राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन भी शामिल हैं, ने मतगणना से पहले आत्मविश्वास जताया था, लेकिन उभरते रुझान अपेक्षा से ज्यादा कड़ी टक्कर का संकेत दे रहे हैं।

इसके विपरीत, यूडीएफ खेमे में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है, जहां शुरुआती बढ़त सत्ता में संभावित वापसी की उम्मीदों को मजबूत कर रही है।

सुबह से ही पार्टी कार्यालयों में शुरू हुई जश्न की तैयारियां अब आंकड़ों के स्पष्ट होने के साथ कम समयपूर्व लग रही हैं।

भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) सीटों की बढ़त के मामले में अभी सीमित है, लेकिन वह धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत करने और वोट शेयर बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

कड़ी सुरक्षा के बीच सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी है। अब ध्यान इस बात पर है कि क्या यूडीएफ अपनी शुरुआती बढ़त को निर्णायक जनादेश में बदल पाएगा, और क्या विजयन की व्यक्तिगत सीट इस कठिन चुनावी परिदृश्य में वाम दलों के लिए कोई सांत्वना दे पाएगी।

–आईएएनएस

पीएम

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