दुर्गा पूजा भगदड़ के सबक, काली और जगधात्री पूजा के लिए जारी हुए नए सुरक्षा निर्देश

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कोलकाता, 1 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन स्थित सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की त्रासदी के मद्देनजर, पश्चिम बंगाल प्रशासन ने राज्य में आगामी काली पूजा और जगधात्री पूजा उत्सवों के लिए पंडाल संबंधी नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। राज्य प्रशासन द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, तीन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है: अग्नि सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और पंडाल परिसर के भीतर प्रकाश व्यवस्था। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि चोरबागान में पूजा की थीम के कारण कम रोशनी की व्यवस्था पंडाल परिसर के भीतर प्रभावी भीड़ प्रबंधन में बाधा…

कोलकाता, 1 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन स्थित सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की त्रासदी के मद्देनजर, पश्चिम बंगाल प्रशासन ने राज्य में आगामी काली पूजा और जगधात्री पूजा उत्सवों के लिए पंडाल संबंधी नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

राज्य प्रशासन द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, तीन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है: अग्नि सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और पंडाल परिसर के भीतर प्रकाश व्यवस्था।

राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि चोरबागान में पूजा की थीम के कारण कम रोशनी की व्यवस्था पंडाल परिसर के भीतर प्रभावी भीड़ प्रबंधन में बाधा बन रही थी। इसलिए, इसे ध्यान में रखते हुए सामुदायिक काली पूजा और सामुदायिक जगधात्री पूजा के आयोजकों को पंडाल परिसर के भीतर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सामुदायिक पूजा समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे न केवल पंडाल परिसर के अंदर बल्कि पंडालों के प्रवेश और निकास द्वारों पर भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था करें।

अधिकारियों ने बताया कि समितियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास द्वार पर्याप्त चौड़े बनाए जाएं।

मानक संचालन प्रक्रिया में, राज्य प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण को विशेष महत्व दिया है और पूजा समितियों को अपेक्षित श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनाती का निर्देश दिया है।

राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा कि पंडाल परिसर में अत्यधिक भीड़ से बचने के लिए पंडाल के बाहर प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं को तभी प्रवेश करने दिया जाना चाहिए जब पंडाल के अंदर मौजूद श्रद्धालु बाहर चले जाएं। इससे पंडाल के अंदर श्रद्धालुओं की भीड़ को अनियंत्रित होने से रोका जा सकेगा। प्रमुख पूजाओं में एम्बुलेंस की व्यवस्था की जानी चाहिए और प्रत्येक पंडाल में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

मानक संचालन प्रक्रिया में आग लगने की घटनाओं की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अनुसार, पूजा समितियों को पंडाल के अंदर अग्निशामक यंत्र रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, आग लगने की स्थिति में, राज्य अग्निशमन सेवा विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सूचना प्राप्त होने के 15 मिनट के भीतर अग्निशमन वाहन आग लगने वाली जगह पर पहुंच जाएं।

–आईएएनएस

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IANS Agency

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