मुंबई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर के 265 तालुकों में सूखा घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
इन ‘ट्रिगर-वन’ तालुकों के अलावा, जन प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से 19 और तालुकों में सूखा घोषित करने का अनुरोध किया था।
गुरुवार को कैबिनेट उप-समिति की बैठक में अधिकारियों को इन 19 तालुकों में शीर्ष पांच फसलों का 20 प्रतिशत सर्वेक्षण करने और तत्काल जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया, ताकि जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।
जिलावार 19 तालुकों की सूची इस प्रकार है: नांदेड़, मुदखेड़, मुखेड और अर्धापुर, चंद्रपुर, जीवती, ब्रह्मपुरी और बल्लारपुर, गोंदिया, अमगांव, देवड़ी, सालेकासा और गोंदिया, वर्धा, करंजा, भंडारा, मोहादी और तुमसर, नासिक, त्र्यंबकेश्वर, चांदवड और निफाड, सतारा, पाटन, और सांगली, शिराला और वालवा।
ट्रिगर-वन सूची के अलावा, अधिकारियों को अन्य प्रभावित तालुकों में भी गंभीरता का आकलन करने के लिए स्थानीय डेटा एकत्र करने और प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सरकारी बयान में कहा गया है कि बैठक में फसल हानि आकलन (पंचनामा) को तत्काल पूरा करने, पशुओं के लिए चारा सुनिश्चित करने, पेयजल की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने और स्थानीय प्रशासन को उच्च सतर्कता पर रखने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीयकृत बैंकों को निर्देश जारी किए जाएंगे कि वे सूखा संबंधी सरकारी संकल्प (जीआर) के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।
इसके अतिरिक्त, सहकारिता विभाग को निर्देश दिया गया कि वह निजी और जिला केंद्रीय सहकारी (डीसीसी) बैंकों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों से जबरन ऋण वसूली न करने का निर्देश दे।
पशुपालन विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले महीनों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध रहे।
चारे की कमी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अधिकारियों को पारंपरिक चारा शिविरों के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार करने का निर्देश दिया गया, जिसमें ‘साइलो प्रबंधन’ प्रक्रिया भी शामिल है, जिसके तहत अधिशेष क्षेत्रों से कमी वाले क्षेत्रों में चारे की आपूर्ति की जाएगी, और 15 दिनों के भीतर कार्रवाई योग्य उपाय लागू किए जाएंगे।
बैठक में गंभीर रूप से सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पानी की कमी को रोकने के उपायों की समीक्षा की गई।
यदि बड़े क्षमता वाले पानी के टैंकरों को ग्राम स्तर पर पानी की आपूर्ति में समस्या आती है, तो छोटे टैंकरों की तैनाती पर जोर दिया जाना चाहिए।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे किसानों, पशुओं और निवासियों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखें।
सूखाग्रस्त घोषित तालुकों के सभी प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
सूखे की पूरी अवधि के दौरान प्रशासनिक तंत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक उपाय करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस बीच, राज्य भर में सूखे की स्थिति को देखते हुए, महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) ने अपने पूरे तकनीकी तंत्र को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है।
राज्य सरकार के सूखा राहत उपायों को लागू करने के लिए, सभी इंजीनियरों, ऑपरेटरों और लाइन स्टाफ को अपने मुख्यालय न छोड़ने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं।
इस संबंध में एक परिपत्र हाल ही में एमएसईडीसीएल के निदेशक (संचालन) धनंजय औंधेकर द्वारा जारी किया गया था।
इस वर्ष जून से राज्य में भारी वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और कृषि फसलों को नुकसान हुआ है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, राज्य सरकार ने विभिन्न राहत उपायों की घोषणा की है।
–आईएएनएस
एमएस/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



