नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने दक्षिण दिल्ली के हौज रानी इलाके में बड़े स्तर पर सर्वे और जांच अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्माण और लाइसेंस संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग ने मालवीय नगर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। इस दौरान सुरक्षा मानकों, लाइसेंस और भवन निर्माण नियमों के पालन की जांच की जा रही है।
राजस्व विभाग के प्रतिनिधि मोहम्मद शमीम ने बताया कि क्षेत्र के सभी होटलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह जांच की जा रही है कि भवनों में किस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, उनमें कितने कमरे और कितनी मंजिलें हैं तथा उनके पास आवश्यक लाइसेंस हैं या नहीं।
अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट दिन के अंत तक विभाग को सौंपी जाएगी। जिन इमारतों में निर्धारित सीमा से अधिक निर्माण पाया जाएगा, विशेष रूप से पांच मंजिल से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने उस होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है, जहां बुधवार को भीषण आग लगी थी। उनकी गिरफ्तारी उस समय हुई जब पुलिस उनके और उनकी पत्नी की तलाश कर रही थी। दोनों के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था।
यह आग मालवीय नगर के घनी आबादी वाले हौज रानी क्षेत्र स्थित फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में लगी थी, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
जांच एजेंसियां अब सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, नियामकीय लापरवाही और संभावित चूक की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि होटल में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा उपाय मौजूद थे या नहीं और क्या यह कानूनी नियमों के अनुरूप संचालित किया जा रहा था।
दिल्ली नगर निगम ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट मिलने के एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गैर-इरादतन हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच का मुख्य फोकस सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही के आरोपों पर है, जिनके कारण इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई।
दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनंत मित्तल ने बताया, “मालवीय नगर अग्निकांड में 49 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 9 भारतीय और 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं। आठ मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि अन्य का इलाज जारी है।”
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, “मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पांच मंजिलों तक आग फैल गई थी। आग और धुएं से कई मंजिलें प्रभावित हुईं। मामले की जांच जारी है।”
अधिकारियों ने बताया कि आग तड़के लगी और तेजी से पूरी बहुमंजिला इमारत में फैल गई। हादसे में जान गंवाने वाले 21 लोगों में से 17 विदेशी नागरिक थे, जो बांग्लादेश, लाइबेरिया, नाइजीरिया और मोजाम्बिक जैसे देशों के निवासी थे।
बचाव दल ने इमारत से 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि 26 घायल अभी दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
इस हादसे के बाद राष्ट्रीय राजधानी के घनी आबादी वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन, अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और भवन निर्माण नियमों के क्रियान्वयन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
–आईएएनएस
एएमटी/वीसी
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