देहरादून, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर ने देहरादून में आयोजित एक जनसुनवाई की अध्यक्षता की, जिसमें 26 मामलों की सुनवाई हुई।
एनसीडब्ल्यू ने एक बयान में कहा, “पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में मुख्य रूप से घरेलू हिंसा, दहेज के लिए प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न और शादी से पहले के रिश्तों में धोखा देने जैसी घटनाएं शामिल थीं। वहीं, जिला प्रशासन से जुड़े मामलों में संपत्ति विवाद और मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच किराए से जुड़े विवादों की सुनवाई हुई।”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में एनसीडब्ल्यू ने लिखा, “इस जनसुनवाई के माध्यम से आयोग ने महिलाओं की शिकायतों के प्रभावी और समय पर समाधान और उन्हें न्याय दिलाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।”
इससे पहले एनसीडब्ल्यू ने देहरादून के ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के सहयोग से ‘ओटीटी प्लेटफॉर्म पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व’ विषय पर ‘युवा संवाद –मॉक एनसीडब्ल्यू सलाहकार समिति’ आयोजित करने की घोषणा की।
शुक्रवार से शुरू हुए इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल मनोरंजन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर युवाओं के बीच सार्थक बातचीत को बढ़ावा देना है। साथ ही यह कार्यक्रम आलोचनात्मक सोच, लैंगिक संवेदनशीलता और एक अधिक समावेशी मीडिया परिवेश बनाने में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
एनसीडब्ल्यू ने 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक देहरादून और ऋषिकेश में कई गतिविधियों और कार्यक्रमों की योजना बनाई है, जो महिला सशक्तीकरण, युवाओं की भागीदारी, शिकायतों के निवारण और संस्थागत जवाबदेही पर केंद्रित हैं।
इन प्रमुख कार्यक्रमों में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में एक विश्वविद्यालय में ‘मॉक संसद’ का उद्घाटन, दून मेडिकल कॉलेज में ‘शी इज अ चेंजमेकर’ कार्यक्रम और इंडियन मिलिट्री एकेडमी में एक संवाद सत्र शामिल है।
इस दौरे में हिरासत में मौजूद महिलाओं के लिए ‘जेंडर-रिस्पॉन्सिव’ (लैंगिक संवेदनशीलता पर आधारित) जेल प्रशासन को मजबूत करने पर एक अखिल भारतीय परामर्श सत्र भी शामिल होगा, जिसकी अध्यक्षता रहाटकर करेंगी। इसके साथ ही देहरादून जिला जेल का निरीक्षण भी किया जाएगा।
अन्य कार्यक्रमों में पुलिस लाइन्स ऑडिटोरियम में एक जनसुनवाई; एनसीडब्ल्यू सदस्य निवेदिता सुब्रमण्यम और अर्चना मिश्रा द्वारा ‘वन स्टॉप सेंटर’ और एक अस्पताल का निरीक्षण; और एम्स ऋषिकेश में एसएचजी (स्वयं सहायता समूह) महिलाओं का एक सम्मेलन शामिल है, जिसमें महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया जाएगा। एनसीडब्ल्यू ने एक बयान में कहा, “इन पहलों के जरिए, एनसीडब्ल्यू महिलाओं के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण को आगे बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराता है।”
–आईएएनएस
एससीएच/वीसी
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