एग्जिट पोल के संचालन, प्रकाशन या प्रसार पर पूरी तरह से प्रतिबंध : चुनाव आयोग

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चेन्नई, 24 मार्च (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को विधानसभा चुनाव के दौरान एग्जिट पोल के संचालन, प्रकाशन या प्रसार पर पूरी तरह से प्रतिबंध की घोषणा की। कार्यक्रम के अनुसार, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। यह प्रतिबंध 9 अप्रैल को सुबह 7 बजे से लागू रहेगा, जब पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से पहले राज्य में मतदान शुरू होगा और 29 अप्रैल…

चेन्नई, 24 मार्च (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को विधानसभा चुनाव के दौरान एग्जिट पोल के संचालन, प्रकाशन या प्रसार पर पूरी तरह से प्रतिबंध की घोषणा की।

कार्यक्रम के अनुसार, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

यह प्रतिबंध 9 अप्रैल को सुबह 7 बजे से लागू रहेगा, जब पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से पहले राज्य में मतदान शुरू होगा और 29 अप्रैल को शाम 6.30 बजे तक जारी रहेगा, जो सभी चरणों में मतदान के समापन का प्रतीक है।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत जारी आदेश में निर्दिष्ट अवधि के दौरान प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या संचार के किसी अन्य रूप के माध्यम से एग्जिट पोल के परिणामों के प्रदर्शन या प्रचार पर रोक लगाई गई है।

इस कदम का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में मतदान के दौरान मतदाताओं पर किसी भी प्रकार के अनुचित प्रभाव को रोककर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को चुनाव होने हैं, मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। राज्य में एक जोरदार चुनावी मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसमें प्रमुख राजनीतिक दल और गठबंधन मतदान के दिन से पहले अपने प्रचार अभियान को तेज कर रहे हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने एक बयान में दोहराया कि व्यापक एग्जिट पोल प्रतिबंध के अलावा, चुनाव प्रचार के अंतिम चरण के दौरान जनमत सर्वेक्षणों और संबंधित चुनावी सामग्री पर भी सख्त प्रतिबंध लागू होंगे।

कानून के अनुसार, किसी भी राज्य में मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले की अवधि के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर चुनाव संबंधी किसी भी सामग्री, जिसमें जनमत सर्वेक्षण के परिणाम या सर्वेक्षण निष्कर्ष शामिल हैं, का प्रदर्शन करना प्रतिबंधित है।

इस ‘अवधि’ का उद्देश्य मतदाताओं को अटकलों भरी भविष्यवाणियों या चुनावी संदेशों से प्रभावित हुए बिना, अपने चुनावी निर्णय लेने के लिए एक शांत और अबाधित वातावरण प्रदान करना है। आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पिछले चुनावों में लगातार इन प्रावधानों को लागू किया है।

अधिकारियों ने कहा कि इन दिशानिर्देशों के किसी भी उल्लंघन पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया संगठनों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और राजनीतिक हितधारकों को नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।

तमिलनाडु और अन्य चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनावी गतिविधियां तेज होने के साथ, इन प्रतिबंधों का सख्ती से पालन निष्पक्ष माहौल बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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