हैदराबाद के कई पेट्रोल पंपों पर ‘स्टॉक खत्म’ के बोर्ड लगे, सरकार ने अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा

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हैदराबाद, 24 मार्च (आईएएनएस)। मंगलवार को हैदराबाद के कई पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि खुले हुए कुछ पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं। अधिकारियों का कहना है कि तेलंगाना में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या घरेलू एलपीजी की कमी नहीं है। उप्पल, मल्लापुर, घाटकेसर, अट्टापुर, कटेदान और चंद्रयानगुट्टा इलाकों के कई पेट्रोल पंपों पर ‘स्टॉक खत्म’ के बोर्ड लगा दिए गए, जिससे वाहन चालकों को भारी असुविधा हुई। अधिकारियों ने इसका कारण अफवाहों के चलते लोगों द्वारा की गई घबराहट भरी खरीदारी को बताया। खुले हुए पेट्रोल पंपों पर कारों, ऑटो रिक्शा, बाइक और अन्य वाहनों की लंबी कतारें…

हैदराबाद, 24 मार्च (आईएएनएस)। मंगलवार को हैदराबाद के कई पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि खुले हुए कुछ पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं। अधिकारियों का कहना है कि तेलंगाना में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या घरेलू एलपीजी की कमी नहीं है।

उप्पल, मल्लापुर, घाटकेसर, अट्टापुर, कटेदान और चंद्रयानगुट्टा इलाकों के कई पेट्रोल पंपों पर ‘स्टॉक खत्म’ के बोर्ड लगा दिए गए, जिससे वाहन चालकों को भारी असुविधा हुई। अधिकारियों ने इसका कारण अफवाहों के चलते लोगों द्वारा की गई घबराहट भरी खरीदारी को बताया।

खुले हुए पेट्रोल पंपों पर कारों, ऑटो रिक्शा, बाइक और अन्य वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।

सीएनजी आउटलेट्स पर वाहन चालक ईंधन भरवाने के लिए चार से पांच घंटे तक इंतजार करते रहे। पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ के कारण कुछ जगहों पर यातायात जाम हो गया।

नामपल्ली के एक सीएनजी फिलिंग स्टेशन पर ऑटो रिक्शा चालकों की लंबी कतारें लगने से यातायात प्रभावित हुआ। यातायात पुलिस के अनुसार, नामपल्ली टी जंक्शन और ताज द्वीप से पब्लिक गार्डन रोड की ओर यातायात धीमा है। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

इस बीच, तेलंगाना सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है।

विभाग ने कहा कि तेल रिफाइनरियों से स्थानीय डिपो तक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से चालू है और सभी जिलों में सभी नागरिकों की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

कुछ खुदरा पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगने और अस्थायी रूप से ‘स्टॉक नहीं है’ के बोर्ड लगने की हालिया खबरें पूरी तरह से झूठी अफवाहों से प्रेरित अचानक और अनुचित खरीदारी का नतीजा हैं। जब नागरिक अनावश्यक रूप से अपनी टंकियों को पूरी तरह से भरने के लिए दौड़ पड़ते हैं, तो इससे कृत्रिम कमी पैदा हो जाती है, जबकि डिपो में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होता है।

विभाग ने यह भी कहा कि तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा अग्रिम भुगतान मॉडल में हाल ही में किए गए प्रशासनिक परिवर्तनों के कारण कुछ स्थानीय डीलरों को अस्थायी रूप से कुछ मामूली लॉजिस्टिकल समायोजन करने पड़े हैं। यह पूरी तरह से एक आंतरिक प्रशासनिक उपाय है और इसका आपूर्ति की कमी से कोई लेना-देना नहीं है।

इसमें कहा गया कि स्थिति को नियंत्रित करने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए, केंद्र और राज्य सरकारें, तेल निगमों और पुलिस विभागों के साथ मिलकर, ईंधन दुकानों पर सक्रिय रूप से निगरानी रख रही हैं। ईंधन की जमाखोरी करने, कालाबाजारी में लिप्त होने या घरेलू एलपीजी सिलेंडरों को व्यावसायिक उपयोग के लिए अवैध रूप से मोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

–आईएएनएस

एमएस/

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