जम्मू, 15 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना ने रविवार को घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। सतर्क सैनिकों ने ऑपरेशन के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया। सेना ने बताया कि कार्रवाई अभी भी जारी है और इलाके में तलाशी अभियान चल रहा है।
श्रीनगर स्थित सेना की चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस (जेकेपी) से मिली विशेष खुफिया सूचना के आधार पर यह संयुक्त अभियान शुरू किया गया। सेना के अनुसार 14 और 15 मार्च की दरम्यानी रात को उरी सेक्टर के बुच्छर इलाके में घुसपैठ की कोशिश की सूचना मिलने के बाद तुरंत ऑपरेशन शुरू किया गया।
सेना के अनुसार, सतर्क जवानों ने झाड़ियों में संदिग्ध हलचल देखते ही अपनी घेराबंदी को मजबूत किया और आतंकी को आत्मसमर्पण की चुनौती दी। आतंकी द्वारा की गई अंधाधुंध गोलीबारी का जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इस मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया।
ऑपरेशन के दौरान सैनिकों को मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। सेना ने बताया कि आतंकी के पास से एक एके राइफल, पिस्तौल और काफी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।
सेना के मुताबिक घुसपैठ रोधी यह अभियान अभी भी जारी है और इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है। फिलहाल इस घटना से जुड़ी और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
इससे पहले 10 मार्च को भी राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में एलओसी पार करने की कोशिश कर रहे एक आतंकी को सेना ने मार गिराया था। सेना ने उस समय बताया था कि नौशेरा के झांगर इलाके में दो आतंकियों की संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी।
सतर्क सैनिकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घुसपैठियों को रोकने के लिए मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में पाकिस्तान समर्थित एक आतंकी को मार गिराया गया और एलओसी को पार करने की उनकी कोशिश को पूरी तरह विफल कर दिया गया।
जम्मू-कश्मीर में लगभग 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना तैनात है। यह एलओसी घाटी के बारामुला, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों से होकर गुजरती है, जबकि जम्मू संभाग में पुंछ, राजौरी और आंशिक रूप से जम्मू जिले में भी स्थित है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में करीब 240 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा भी है, जो सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में पड़ती है। इस सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) तैनात रहता है।
सेना और बीएसएफ दोनों ही घुसपैठ, हथियारों की तस्करी, ड्रोन गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखते हैं।
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आतंकवादी संगठन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से ड्रोन का इस्तेमाल कर भारतीय सीमा के अंदर हथियार, गोला-बारूद, नकदी और ड्रग्स गिराने की कोशिश करते हैं। इन सामानों को आतंकियों के ओवरग्राउंड वर्कर उठाकर आगे आतंकियों तक पहुंचाते हैं, जिससे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है।
इन खतरों से निपटने के लिए सेना और बीएसएफ ने सीमा पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं। साथ ही मानव निगरानी और खुफिया तंत्र भी 24 घंटे सीमा पर नजर बनाए रखता है।
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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