नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। ‘डमरू’ और ‘शंखनाद’ की गूंज के बीच मंदिर पहुंचने पर प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव का ‘अभिषेक’ और ‘आरती’ की। इसके बाद उनका आशीर्वाद मांगा। इस प्राचीन मंदिर के दौरे के समय, प्रशासन की ओर से प्रधानमंत्री को एक ‘त्रिशूल’ और ‘डमरू’ भेंट किया गया।
जैसे ही पीएम मोदी ने मंदिर परिसर में मौजूद सभी लोगों का अभिवादन किया, भीड़ ने ‘जय श्री राम’, ‘ॐ नमः शिवाय’, और ‘ॐ नमः पार्वती पतये, हर हर महादेव’ के नारे लगाए। उत्साह से भरे बच्चों ने बैरिकेड्स पार करके मुस्कुराते चेहरों के साथ प्रधानमंत्री का अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में लगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भी देखी।
इसके बाद, वे हरदोई के लिए रवाना होंगे, जहां 36,230 करोड़ रुपए की लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। वे वहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन देश में विश्व-स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला, एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे लगभग 36,230 करोड़ रुपए की कुल लागत से बनाया गया है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है। इस तरह यह उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक ही निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ता है।
इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय 10-12 घंटों से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा, जिससे आवागमन में सुगमता और परिवहन की दक्षता में भी वृद्धि होगी।
–आईएएनएस
डीसीएच/
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