प्रधानमंत्री मोदी का सहारनपुर में रोड शो, सड़क किनारे हाथों में तिरंगा थामे लोगों ने किया स्वागत

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सहारनपुर, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का उद्घाटन करने से पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक रोड शो किया। पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए सड़क के किनारे भारी भीड़ थी। रोड शो में शामिल लोगों ने हाथों में तिरंगा थामे हुए ‘मोदी-मोदी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए पीएम मोदी पर फूलों की वर्षा की। कई लोग पारंपरिक वेशभूषा में आए थे और उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वागत में पारंपरिक लोक नृत्य…

सहारनपुर, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का उद्घाटन करने से पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक रोड शो किया। पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए सड़क के किनारे भारी भीड़ थी। रोड शो में शामिल लोगों ने हाथों में तिरंगा थामे हुए ‘मोदी-मोदी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए पीएम मोदी पर फूलों की वर्षा की। कई लोग पारंपरिक वेशभूषा में आए थे और उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वागत में पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए। पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया।

पीएम मोदी सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर के ऊंचे खंड पर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की समीक्षा करेंगे। इसके बाद देहरादून के लिए रवाना होंगे।

प्रधानमंत्री देहरादून के पास स्थित जय मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 12:30 बजे देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।

213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला और एक्सेस कंट्रोल्ड दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर 12,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनाया गया है। यह कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है। वहीं, इससे दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय वर्तमान में छह घंटे से अधिक से घटकर लगभग ढाई घंटे हो जाएगा।

इस परियोजना के कार्यान्वयन में निर्बाध उच्च गति कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं का निर्माण भी शामिल है। यात्रियों के लिए सुरक्षित और अधिक कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए यह कॉरिडोर उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएम) से सुसज्जित है।

क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए इस कॉरिडोर को कई विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है, जिनका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष में अत्यधिक कमी लाना है। जंगली जानवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए, परियोजना में वन्यजीव संरक्षण के लिए कई विशेष सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है। कॉरिडोर में आठ पशु मार्ग, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है।

–आईएएनएस

डीसीएच/

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