टीएमसी ऑफिस में अशीष बनर्जी के मृत पाए जाने पर नेताओं की प्रतिक्रिया, निष्पक्ष जांच की मांग की

Summary :

कोलकाता, 16 अगस्त (आईएएनएस)। बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी के टीएमसी ऑफिस में मृत पाए जाने पर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “मुझे बहुत दुख हुआ है। आशीष कई सालों तक विधानसभा में मेरे साथ रहे और उनके साथ मेरे बहुत घनिष्ठ संबंध भी थे। हम कुछ समय से मिले नहीं थे। वे चुनाव हार गए थे और उसके बाद हमारी बातचीत भी नहीं हुई। आशीष जैसे भले और ईमानदार व्यक्ति का मिलना मुश्किल था। वे तारापीठ से विधायक थे और जब भी मैं तारापीठ जाता था, तो उनके परिवार से…

कोलकाता, 16 अगस्त (आईएएनएस)। बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी के टीएमसी ऑफिस में मृत पाए जाने पर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है।

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “मुझे बहुत दुख हुआ है। आशीष कई सालों तक विधानसभा में मेरे साथ रहे और उनके साथ मेरे बहुत घनिष्ठ संबंध भी थे। हम कुछ समय से मिले नहीं थे। वे चुनाव हार गए थे और उसके बाद हमारी बातचीत भी नहीं हुई। आशीष जैसे भले और ईमानदार व्यक्ति का मिलना मुश्किल था। वे तारापीठ से विधायक थे और जब भी मैं तारापीठ जाता था, तो उनके परिवार से भी बहुत करीब से जुड़ा रहता था। उनके निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है और मैं चाहता हूं कि इसकी पूरी जांच हो।”

टीएमसी नेता अब्बास हुसैन ने कहा, “करीब 7:15 बजे हमें खबर मिली कि आशीष दा ने आत्महत्या कर ली है। यह सुनकर हम हैरान रह गए। यह बहुत दुखद घटना है। उन्होंने ऐसा क्यों किया, यह तो भगवान ही जानते हैं। यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद ही सब कुछ साफ हो पाएगा।”

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर की मौत की “स्वतंत्र” जांच की मांग की है। घोष पार्टी के उस “असली लेकिन अल्पसंख्यक” गुट के प्रमुख चेहरों में से एक हैं, जो पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे हैं। घोष ने कहा, “अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था कि सामाजिक बदनामी के डर से पैदा हुए मानसिक दबाव को वे झेल नहीं पा रहे थे। ‘अच्छा तृणमूल’ होने के बावजूद वे बच नहीं पाए। भारतीय जनता पार्टी को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। हम इस घटना की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।”

बीरभूम जिले की रामपुरहाट विधानसभा सीट से भाजपा विधायक ध्रुबा साहा ने पत्रकारों से बीतचीत में कहा, “मैं कुछ दिन पहले ही उनसे मिला था। मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया। इस बात की जांच होनी चाहिए कि पांच बार के विधायक ने ऐसा क्यों किया, और वह भी इस उम्र में। अगर जरूरत हो, तो किसी दूसरी संस्था से जांच कराई जानी चाहिए। इसकी भी जांच होनी चाहिए कि क्या इस घटना के पीछे कोई और वजह है।”

बोलपुर के सांसद असित कुमार मल ने कहा, “यह असामान्य और असमय निधन सभी को बहुत दुखी कर रहा है। न केवल बीरभूम में, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल में, जो लोग उन्हें जानते और पहचानते थे, वे सभी गहरे सदमे में हैं। अगर यह किसी प्राकृतिक बीमारी की वजह से हुआ होता, तो शायद लोग इस दुख को समझ पाते, लेकिन जिस तरह से यह हुआ है, उस पर यकीन करना मुश्किल है, मेरा मानना ​​है कि इस मामले की अच्छी तरह से जांच होनी चाहिए।”

सीपीएम जिला समिति के सदस्य संजीब मल्लिक ने कहा, “हमें सुबह यह खबर मिली। हमने कभी नहीं सोचा था कि वह हमें इस तरह छोड़कर चले जाएंगे। यह बहुत दुखद घटना है।”

–आईएएनएस

एसडी/एएस

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.