पंजाब के मुख्यमंत्री ने लुधियाना में कंप्रेस्ड बायो-गैस प्लांट की आधारशिला रखी

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लुधियाना, 14 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को लुधियाना के हैबोवाल में 65 करोड़ रुपए के कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट की आधारशिला रखी। यह प्रोजेक्ट डेयरी कॉम्प्लेक्स में रोजाना निकलने वाले 300 टन पशुओं के गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करके बुड्ढा नाला में सीवर जाम और प्रदूषण की समस्या को हल करने में मदद करेगा। 2.5 एकड़ जमीन पर बन रहे और सितंबर 2027 तक चालू होने वाले इस प्लांट से ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के तहत 435 डेयरी मालिकों को कमाई के नए मौके मिलेंगे। साथ ही, यहां रोजाना लगभग पांच टन सीबीजी और ऑर्गेनिक…

लुधियाना, 14 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को लुधियाना के हैबोवाल में 65 करोड़ रुपए के कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट की आधारशिला रखी।

यह प्रोजेक्ट डेयरी कॉम्प्लेक्स में रोजाना निकलने वाले 300 टन पशुओं के गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करके बुड्ढा नाला में सीवर जाम और प्रदूषण की समस्या को हल करने में मदद करेगा।

2.5 एकड़ जमीन पर बन रहे और सितंबर 2027 तक चालू होने वाले इस प्लांट से ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के तहत 435 डेयरी मालिकों को कमाई के नए मौके मिलेंगे। साथ ही, यहां रोजाना लगभग पांच टन सीबीजी और ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइजर का उत्पादन भी होगा।

आधारशिला रखने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए सीएम मान ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि यहां कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की आधारशिला रखी जा रही है। मैं इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने के लिए एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों का धन्यवाद करता हूं। यह पहल ‘बुड्ढा दरिया कायाकल्प कार्यक्रम’ के तहत एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। यह प्रोजेक्ट 65 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा और इसके सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।

इस प्रोजेक्ट को शुरू करने में सरकार की भूमिका पर जोर देते हुए सीएम मान ने कहा कि आप सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 2.5 एकड़ जमीन दी है। हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स से रोजाना निकलने वाले लगभग 300 टन गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करके उसका निपटान किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट बिना ट्रीट किए गए गोबर और कचरे को बुड्ढा नाला में जाने से रोकेगा, जिससे पानी का प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण बेहतर होगा। इससे डेयरी कॉम्प्लेक्स और उसके आस-पास सफाई में भी काफी सुधार होगा।

इस प्रोजेक्ट के आर्थिक फायदों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इलाके के लगभग 435 डेयरी मालिकों को इस प्रोजेक्ट से सीधा फायदा होगा, जो ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ (कचरे से कमाई) के कॉन्सेप्ट की दिशा में एक बड़ा कदम है। गोबर के वैज्ञानिक इस्तेमाल से डेयरी किसानों के लिए कमाई के नए जरिया बनेंगे। यह प्लांट ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइजर बनाएगा, जिससे केमिकल फर्टिलाइजर पर निर्भरता कम होगी, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ेगी और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। यह प्लांट रोजाना लगभग पांच टन कंप्रेस्ड बायोगैस बनाएगा और युवाओं के लिए सीधे और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए मौके पैदा करेगा।

–आईएएनएस

एमएस/

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IANS Agency

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