जयपुर, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने सड़कों पर छोड़े गए नंदियों (सांडों) की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए समाज और सरकार द्वारा मिलकर प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने चारे का दान और गौशालाओं के जरिए आश्रय जैसी पहलों पर जोर दिया, और यह भी बताया कि राजस्थान सरकार उनकी सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चला रही है।
उन्होंने ‘नंदी’ (सांडों) के पालन-पोषण और खेती में उनके इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाली एक खास योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत किसानों को हर साल 30,000 रुपए की आर्थिक मदद मिलती है।
हरिभाऊ बागड़े ने गुरुवार को बहरोड़ इलाके के बिजोरवास गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने ‘बाबा बिशाह मंदिर परिसर’ में बने एक शिव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लिया।
इस मौके पर उन्होंने पारंपरिक धार्मिक ग्रंथों में बताए गए तरीकों के अनुसार पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए, और राज्य के लोगों की खुशी, समृद्धि और भलाई के लिए प्रार्थना की।
सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भगवान शिव अज्ञान और नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक हैं, और वे लोगों को ज्ञान और सकारात्मकता की ओर ले जाते हैं।
सांस्कृतिक निरंतरता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए अपनी परंपराओं और विरासत से गहराई से जुड़े रहना बहुत जरूरी है।
राज्यपाल ने कहा, “भगवान शिव ही वह शक्ति हैं जो अज्ञान और नकारात्मकता के अंधेरे को मिटाकर हमारे जीवन में ज्ञान और सकारात्मकता का प्रकाश लाते हैं। युवाओं के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे अपनी परंपराओं और संस्कृति को अपने जीवन में उतारें, ताकि उनकी सांस्कृतिक पहचान, मूल्य और निरंतरता बनी रहे। ऐसा करने से लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं और साथ ही आधुनिकता के साथ तालमेल भी बिठा पाते हैं, जिससे एक मजबूत समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान मिलता है।”
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कृति और मूल्यों की गहरी समझ भी पैदा की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह का संतुलन लोगों को बदलते समय के साथ ढलते हुए भी अपनी पहचान से जुड़े रहने में मदद करता है, और अंततः एक मजबूत और सौहार्दपूर्ण समाज के विकास में योगदान देता है।
एक और अहम मुद्दे पर बात करते हुए राज्यपाल ने सड़कों पर आवारा घूमते सांडों की समस्या का जिक्र किया। राज्यपाल ने आगे बताया कि राजस्थान सरकार ऐसे जानवरों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए विशेष अभियान चला रही है।
–आईएएनएस
एससीएच
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