अमरावती, 26 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 1 जनवरी से पूरे राज्य में ‘संजीवनी’ प्रोजेक्ट लागू करें। इस प्रोजेक्ट का मकसद हेल्थकेयर सर्विस को बेहतर बनाना है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड वाली ‘संजीवनी’ प्रोजेक्ट को पूरी तरह से लागू करने से मेडिकल सर्विस में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से ‘संजीवनी’ प्रोजेक्ट को सफल बनाने को कहा ताकि दूसरे राज्य हेल्थकेयर सर्विस के लिए आंध्र प्रदेश को एक मॉडल के तौर पर देखें।
उन्होंने अपने कैंप ऑफिस में अधिकारियों के साथ ‘संजीवनी’ प्रोजेक्ट को लेकर समीक्षा बैठक की।
कुप्पम निर्वाचन क्षेत्र और चित्तूर जिले में इस प्रोजेक्ट को लागू करने से मिले बेहतरीन नतीजों को देखते हुए उन्होंने इसे पूरे राज्य में शुरू करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में परिवारों को अभी शिक्षा और हेल्थकेयर पर भारी खर्च करना पड़ता है और ‘संजीवनी’ जैसी पहल इस आर्थिक बोझ को कम करने में मदद के लिए शुरू की जा रही हैं।
उन्होंने ‘संजीवनी’ प्रोजेक्ट के आधिकारिक पार्टनर, टाटा एमडी को हेल्थकेयर सेक्टर में नई और बेहतरीन इनोवेशन पर ध्यान देने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पूरे राज्य में ‘संजीवनी’ कार्यक्रम को बढ़ाने के लिए 90 दिन का प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान में बेसलाइन स्टडी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना, ट्रेनिंग, सर्टिफिकेशन और नेशनल व स्टेट पोर्टल्स के साथ इंटीग्रेशन जैसे उपाय शामिल हैं। 28 जिलों में मेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग देने की योजना भी बताई गई।
उन्होंने कहा कि मेडिकल सर्विस ऐसी होनी चाहिए जो पहले से अनुमान लगा सके, बीमारी को रोक सके, इलाज कर सके और किफायती हो। सिर्फ मेडिकल देखभाल ही नहीं, बल्कि खान-पान की आदतों और सोच में बदलाव लाने की कोशिश भी होनी चाहिए। हमें आधुनिक मेडिकल साइंस के साथ-साथ होम्योपैथी, आयुर्वेद, योग और प्राणायाम का भी इस्तेमाल करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एआई डॉक्टर्स’ का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के साथ-साथ एक डैशबोर्ड भी तैयार किया जाना चाहिए। अस्पतालों में आउटसोर्स की गई सेवाओं, जैसे सफाई-व्यवस्था, पर ध्यान दिया जाना चाहिए। जो आउटसोर्स सर्विस प्रोवाइडर ठीक से सेवा नहीं दे पाते, उन्हें हटाने के लिए एक पॉलिसी लाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल सर्विस ऐसी होनी चाहिए जिससे लोगों का भरोसा बढ़े, और लोगों के मोबाइल फोन पर सीधे हेल्थ अपडेट भेजने के लिए एक सिस्टम बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कुप्पम और चित्तूर इलाकों में ‘संजीवनी’ कार्यक्रम को लागू करने से मिले नतीजों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि चित्तूर में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के 56 प्रतिशत मामलों को कंट्रोल में लाया गया और डायबिटीज के 16 प्रतिशत मामलों की गंभीरता कम हुई। प्राइमरी हेल्थकेयर सर्विस के इस्तेमाल में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई।
‘संजीवनी’ सेवाओं पर जनमत जानने के लिए किए गए एक सर्वेक्षण से पता चला कि 91 प्रतिशत उत्तरदाताओं को इन सेवाओं के बाद अपने स्वास्थ्य की बेहतर समझ प्राप्त हुई।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि स्क्रीनिंग से लेकर उपचार और अनुवर्ती कार्रवाई तक की पूरी प्रक्रिया को कवर करने के लिए एक एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित की जा रही है।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव, स्वास्थ्य सचिव वीरपांडियन, संयुक्त सचिव रोनांकी गोपालकृष्ण और टाटा एमडी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
–आईएएनएस
एमएस/
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