कर्नाटक में मतदाता सूची संशोधन पर सियासत तेज, कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के लिए 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत मांगी

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बेंगलुरु, 7 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अंबू कुमार को पत्र लिखा। उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि मतदाता सूची के चल रहे ‘विशेष गहन संशोधन’ (एसआईआर) के दौरान एडीडीएसओ कैटेगरी में दर्ज नामों को ठीक करने के लिए मतदाताओं को दी गई समयसीमा 15 दिन और बढ़ाई जाए। पत्र में हरिप्रसाद ने 5 अगस्त को शाम 4 बजे तक जिलेवार इलेक्टोरल फॉर्म (ईएफ) के डिजिटाइजेशन की स्थिति का जिक्र किया और बताया कि 1,10,97,426 मतदाताओं को एडीडीएसओ श्रेणी, अनुपस्थित, मृत्यु, हटाए गए, स्थानांतरण और अन्य,…

बेंगलुरु, 7 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अंबू कुमार को पत्र लिखा। उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि मतदाता सूची के चल रहे ‘विशेष गहन संशोधन’ (एसआईआर) के दौरान एडीडीएसओ कैटेगरी में दर्ज नामों को ठीक करने के लिए मतदाताओं को दी गई समयसीमा 15 दिन और बढ़ाई जाए।

पत्र में हरिप्रसाद ने 5 अगस्त को शाम 4 बजे तक जिलेवार इलेक्टोरल फॉर्म (ईएफ) के डिजिटाइजेशन की स्थिति का जिक्र किया और बताया कि 1,10,97,426 मतदाताओं को एडीडीएसओ श्रेणी, अनुपस्थित, मृत्यु, हटाए गए, स्थानांतरण और अन्य, में रखा गया है, जो राज्य के कुल मतदाताओं का 20.02 प्रतिशत है।

केपीसीसी प्रमुख ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने एडीडीएसओ मतदाताओं की पढ़ने योग्य सूची ऑनलाइन उपलब्ध करा दी है, जिससे इस श्रेणी में शामिल असली मतदाता अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संपर्क कर सकते हैं और रिकॉर्ड ठीक करवा सकते हैं।

हरिप्रसाद ने चिंता जताई कि 8 अगस्त की मौजूदा समय-सीमा प्रभावित सभी मतदाताओं को अपनी जानकारी की जांच और सुधार करने के लिए पर्याप्त समय नहीं देगी।

उन्होंने पत्र में कहा, “चूंकि यह समयसीमा 8 अगस्त को समाप्त हो रही है, इसलिए हम इस प्रक्रिया को ठीक से पूरा करने और एडीडीएसओ की संख्या को यथासंभव कम करने के लिए 15 दिन का विस्तार चाहते हैं।”

पार्टी ने कहा, हो सकता है कि इतनी बड़ी संख्या में असली मतदाताओं को गलत तरीके से इस श्रेणी में डाला गया है और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पूरी होने से पहले उन्हें अपने नाम बहाल करवाने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए।

यह अनुरोध कर्नाटक में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है, जिसमें सत्ताधारी पार्टी ने एडीडीएसओ श्रेणी के तहत मतदाताओं के वर्गीकरण पर चिंता जताई है। चुनाव आयोग का कहना है कि अंतिम सूची तैयार होने से पहले मतदाता किसी भी विसंगति को ठीक करने के लिए बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।

हरिप्रसाद ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अनुरोध पर विचार करने का आग्रह किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र मतदाता प्रक्रियात्मक बाधाओं के कारण मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने मतदाता सूची से 1.10 करोड़ लोगों के नाम हटाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे इस पर प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने कहा कि वे इस मामले पर अलग से बात करेंगे।

कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का इस्तेमाल पात्र मतदाताओं को हटाने के लिए किया जा रहा है और भाजपा पर भविष्य के चुनावों से पहले अपने समर्थकों को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबु कुमार की जानकारी का हवाला देते हुए, केपीसीसी के मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन रमेश बाबू ने दावा किया कि राज्य के 5.40 करोड़ वोटरों में से लगभग 20 प्रतिशत के वोटर लिस्ट से हटाए जाने का खतरा है।

उन्होंने आरोप लगाया, “कर्नाटक में हटाया गया हर वोट सीधे तौर पर भाजपा की जिम्मेदारी है। एसआईआर प्रक्रिया सिर्फ वोटर लिस्ट में सुधार नहीं है। यह वोटर लिस्ट से कांग्रेस समर्थकों को हटाने की कोशिश है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग से यह पक्का करने की अपील की है कि कोई भी योग्य वोटर वोटर लिस्ट से न छूटे।

उनके मुताबिक, वोटरों के नाम इस आधार पर हटाए जा रहे हैं कि वे मौजूद नहीं हैं, उनकी मौत हो चुकी है, वे कई जगहों पर रजिस्टर्ड हैं या उन्होंने अपना पता बदल लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हटाए जाने के लिए प्रस्तावित वोटरों का प्रतिशत पिछले सप्ताह के 15 प्रतिशत से बढ़कर इस सप्ताह 20 प्रतिशत हो गया है।

–आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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