दो सीटों से चुनाव लड़ने पर बोले सुवेंदु अधिकारी-पार्टी जो फैसला करेगी, उसे स्वीकार करूंगा

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कोलकाता, 15 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को आगामी विधानसभा चुनाव में दो सीटों से चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि मैं भाजपा का एक कार्यकर्ता हूं और पार्टी जो भी फैसला करेगी, उसे स्वीकार करूंगा। इन दो सीटों में एक सीट पूर्व मिदनापुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट हो सकती है, जहां से सुवेंदु अधिकारी दो बार विधायक रह चुके हैं। वह 2016 से 2021 तक तृणमूल कांग्रेस से और 2021 से अब तक भाजपा से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दूसरी संभावित सीट कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट…

कोलकाता, 15 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को आगामी विधानसभा चुनाव में दो सीटों से चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि मैं भाजपा का एक कार्यकर्ता हूं और पार्टी जो भी फैसला करेगी, उसे स्वीकार करूंगा।

इन दो सीटों में एक सीट पूर्व मिदनापुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट हो सकती है, जहां से सुवेंदु अधिकारी दो बार विधायक रह चुके हैं।

वह 2016 से 2021 तक तृणमूल कांग्रेस से और 2021 से अब तक भाजपा से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दूसरी संभावित सीट कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट बताई जा रही है, जहां से फिलहाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विधायक हैं।

इस बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने न तो इस संभावना से इनकार किया और न ही इसकी पुष्टि की।

उन्होंने कहा, “भाजपा में सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं। उम्मीदवारों का चयन भी उसी प्रक्रिया से होता है। यह भी संभव है कि पार्टी मुझे इस बार चुनाव लड़ने के लिए कहे या न कहे। मैं भाजपा का एक कार्यकर्ता हूं और पार्टी जो भी फैसला करेगी, उसे स्वीकार करूंगा।”

हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत पसंद नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ने की है। उन्होंने कहा, “नंदीग्राम मेरी पहली पसंद है। अगर पार्टी नेतृत्व मुझे किसी दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ने को कहता है, तो मैं इस पर जरूर विचार करूंगा।”

2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से चुनाव जीतकर तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार और मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था।

इसके बाद ममता बनर्जी ने उपचुनाव में भवानीपुर सीट से जीत हासिल की और तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भवानीपुर सीट ममता बनर्जी के लिए पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

28 फरवरी को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार इस क्षेत्र में 47,111 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और 14,154 मतदाताओं के मामले फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया में हैं।

ऐसे में अगर सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ते हैं, तो यह भाजपा की एक रणनीतिक चाल हो सकती है। इससे चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी को भवानीपुर में ज्यादा समय देना पड़ सकता है और राज्य के अन्य हिस्सों में प्रचार के लिए उनका समय कम हो सकता है।

–आईएएनएस

एएसएच/

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