सलेम, 1 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय मंगलवार को कावेरी डेल्टा जिलों में सिंचाई के लिए मेटूर बांध से पानी छोड़ेंगे, क्योंकि पानी के बेहतर प्रवाह के कारण जलाशय का जलस्तर 90 फीट से ऊपर पहुंच गया है।
डेल्टा किसानों की जीवन रेखा माना जाने वाला मेट्टूर बांध सलेम, इरोड, नामक्कल, करूर, तिरुचि, तंजावुर, तिरुवरूर, पेरम्बलुर, नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, कुड्डालोर और मयिलादुथुरई सहित 13 जिलों में लगभग 16 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई प्रदान करता है।
डेल्टा क्षेत्र में खेतीबाड़ी के लिए हर साल 12 जून को बांध से पानी छोड़ा जाता है। हालांकि, कावेरी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में अपर्याप्त वर्षा के कारण इस वर्ष अधिकारी निर्धारित तिथि पर बांध नहीं खोल पाए।
पिछले दो हफ्तों में कर्नाटक में हुई भारी बारिश के बाद स्थिति में सुधार हुआ। काबिनी और कृष्णा राजा सागर जलाशयों में पानी का प्रवाह काफी बढ़ गया, जिसके चलते कर्नाटक प्रशासन ने अतिरिक्त पानी कावेरी नदी में छोड़ दिया। इससे मेटूर जलाशय में पानी का प्रवाह लगातार बढ़ता गया और जलाशय का जलस्तर 90 फुट के पार पहुंच गया।
किसानों की मांगों का जवाब देते हुए, तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की कि डेल्टा जिलों में सिंचाई की सुविधा के लिए 1 सितंबर से 45 दिनों तक पानी छोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री विजय चेन्नई से निजी विमान से सलेम के ओमालूर कमलपुरम हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद वे सड़क मार्ग से मेटूर जाएंगे, जहां वे औपचारिक रूप से बांध के द्वार खोलेंगे। शुरुआत में कावेरी नदी में 3,000 घन फीट प्रति सेकंड की दर से पानी छोड़ा जाएगा।
इसके बाद सिंचाई की आवश्यकताओं और जलाशय में पानी के प्रवाह के आधार पर चरणबद्ध तरीके से पानी का निर्वहन बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री के दौरे के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। हवाई अड्डे से मेटूर तक के मार्ग पर पार्टी के झंडे लगाए गए हैं, जबकि ओमालूर से मेचेरी और मेटूर जाने वाली सड़कों के दोनों किनारों पर लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए भारी भीड़ जमा होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पूरे सलेम जिले में सुरक्षा बढ़ा दी है। हवाई अड्डे, मेटूर बांध और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के साथ-साथ उन सड़कों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जिनसे होकर उनका काफिला गुजरेगा।
–आईएएनएस
एसएके/पीएम
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