तमिलनाडु में खनिज ले जाने वाले ट्रकों में जीपीएस अनिवार्य, बिना जीपीएस नहीं मिलेगा परमिट

Summary :

चेन्नई, 1 नवंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में खनिज ले जाने वाले ट्रकों के लिए अब जीपीएस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना एआईएस 140 मानक वाले जीपीएस डिवाइस के अब ट्रकों को ट्रांसपोर्ट परमिट या ट्रांजिट पास नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ने यह नियम रविवार से लागू कर दिया है क्योंकि अंतिम बढ़ी हुई समय सीमा 31 अक्टूबर को खत्म हो गई। भूविज्ञान और खनन विभाग ने शनिवार को इस फैसले की घोषणा की। पूरे राज्य में खनिज परिवहन में लगे वाहनों के लिए निर्धारित ट्रैकिंग डिवाइस लगाना और उसे विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया…

चेन्नई, 1 नवंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में खनिज ले जाने वाले ट्रकों के लिए अब जीपीएस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना एआईएस 140 मानक वाले जीपीएस डिवाइस के अब ट्रकों को ट्रांसपोर्ट परमिट या ट्रांजिट पास नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ने यह नियम रविवार से लागू कर दिया है क्योंकि अंतिम बढ़ी हुई समय सीमा 31 अक्टूबर को खत्म हो गई।

भूविज्ञान और खनन विभाग ने शनिवार को इस फैसले की घोषणा की। पूरे राज्य में खनिज परिवहन में लगे वाहनों के लिए निर्धारित ट्रैकिंग डिवाइस लगाना और उसे विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है।

विभाग ने उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। बिना जीपीएस डिवाइस और वैध परमिट के खनिज ले जाने वाले वाहनों की जांच की जाएगी और उन्हें जब्त किया जाएगा, साथ ही उनके मालिकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

यह नियम अवैध खनन और खनिजों की अनधिकृत आवाजाही को रोकने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा है। खनिज ले जाने वाले वाहनों को अपनी डिजिटल प्रणाली से जोड़कर विभाग परिवहन पर निगरानी मजबूत करना चाहता है और परमिट सिस्टम के बाहर आवाजाही पर रोक लगाना चाहता है।

निर्देशों के अनुसार, ऑपरेटरों को एआईएस 140 मानक वाले जीपीएस डिवाइस लगाने होंगे और उन्हें मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम (एमआईएमएएस) से जोड़ना होगा। सिर्फ डिवाइस लगा देना ही काफी नहीं है, उसे विभाग के पोर्टल से जोड़ना भी जरूरी है।

इस नियम के लिए पहले कई बार समय सीमा बढ़ाई गई थी। जीपीएस डिवाइस लगाने की मूल समय सीमा 31 मार्च 2026 थी। इसके बाद सरकार ने 1 सितंबर से बिना उपकरण वाले वाहनों को ट्रांजिट पास देना बंद करने की योजना बनाई थी। लेकिन अनुपालन की समय सीमा को पहले 30 सितंबर और फिर 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया था, ताकि वाहन मालिकों को डिवाइस लगाने और पोर्टल-लिंकिंग प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। अब यह अवधि समाप्त हो गई है और परमिट प्रतिबंध लागू हो गए हैं।

1 नवंबर से लागू यह नियम ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों को जीपीएस अनुपालन से सीधे जोड़ता है। खनिज ले जाने वाले ट्रकों के लिए परमिट या ट्रांजिट पास चाहने वाले मालिकों को इसलिए यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन इंस्टॉलेशन और ऑनलाइन इंटीग्रेशन दोनों शर्तों को पूरा करें।

–आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.