चेन्नई, 12 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में सरकारी टेक्निकल संस्थानों में एकेडमिक सपोर्ट, इंडस्ट्री से जुड़ाव, रिसर्च के मौकों और स्टूडेंट प्लेसमेंट को बेहतर बनाने के मकसद से एक नई पहल के तहत 65 संस्थानों में एलुमनाई नेटवर्क बनाए जाएंगे।
राज्य सरकार ने इस प्रोग्राम के लिए 1.30 करोड़ रुपये तय किए हैं, जिसमें 11 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और 54 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज शामिल हैं।
हर संस्थान को अपनी एलुमनाई एसोसिएशन (पूर्व छात्रों का संगठन) बनाने या उसे मजबूत करने के लिए एक बार में 2 लाख रुपये मिलेंगे।
कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे इस ग्रांट का इस्तेमाल पूर्व छात्रों की पहचान करने, एलुमनाई डेटाबेस बनाने, मीटिंग आयोजित करने और आउटरीच प्रोग्राम चलाने में करें।
उम्मीद है कि इस पहल से सफल ग्रेजुएट अपने संस्थानों और मौजूदा छात्रों के साथ फिर से नियमित रूप से जुड़ सकेंगे।
उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी से सरकारी कॉलेजों को इंडस्ट्री और प्रोफेशनल संगठनों के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद मिल सकती है।
पूर्व छात्र मेंटरिंग, इंटर्नशिप, करियर गाइडेंस, प्लेसमेंट में मदद, रिसर्च पार्टनरशिप और रिसोर्स जुटाने जैसे कामों में योगदान दे सकते हैं।
अधिकारियों का मानना है कि सरकारी कॉलेजों के कैंपस में रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बेहतर बनाने में संगठित एलुमनाई नेटवर्क (पूर्व छात्रों का नेटवर्क) अहम भूमिका निभा सकते हैं। वे संस्थानों को इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप, रिसर्च संगठनों और सरकारी एजेंसियों के साथ बेहतर साझेदारी बनाने में भी मदद कर सकते हैं।
सरकार ने कराईकुडी के अलगप्पा चेट्टियार गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को पूर्व छात्रों की भागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण बताया है।
2026-27 एकेडमिक ईयर के दौरान सरकार ने कॉलेज के एलुमनाई एसोसिएशन को ‘अलगप्पा इनक्यूबेशन फोरम और रिसर्च पार्क’ बनाने के लिए 75 करोड़ रुपये जुटाने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रस्तावित रिसर्च पार्क को एक ऐसे इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम के तौर पर देखा जा रहा है जो एकेडमिक संस्थानों, रिसर्चर्स, इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप और सरकारी निकायों को आपस में जोड़ेगा।
इससे इनोवेशन को बढ़ावा मिलने, रिसर्च में सहयोग आसान होने और छात्रों को इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रोजेक्ट्स पर काम करने के मौके मिलने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा विभाग सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में भी इसी तरह की सक्रिय एलुमनाई बॉडी (पूर्व छात्र संगठन) बनाना चाहता है।
अधिकारियों ने बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जैसे प्रमुख संस्थानों में रिसर्च और एकेडमिक डेवलपमेंट को सपोर्ट करने में पूर्व छात्रों के योगदान ने अहम भूमिका निभाई है। विभाग का मानना है कि इस मॉडल को राज्य द्वारा संचालित संस्थानों में भी सफलतापूर्वक अपनाया जा सकता है।
सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में पहले से ही ऐसे ग्रेजुएट्स की बड़ी संख्या है जो अलग-अलग सेक्टर में अहम पदों पर हैं, उन्हें एक साथ लाने से छात्रों और कैंपस, दोनों को फायदा हो सकता है।
कई कॉलेजों में ये संगठन बनाने का काम शुरू हो चुका है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से संस्थानों और उनके पूर्व छात्रों के बीच लंबे समय तक चलने वाले संबंध बनेंगे, साथ ही प्लेसमेंट की संभावनाओं, रिसर्च क्षमता और संस्थान के विकास को भी मजबूती मिलेगी।
–आईएएनएस
ओपी/एएस
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