हैदराबाद, 2 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना हाईकोर्ट ने मंगलवार को हैदराबाद में बैठक आयोजित करने की अनुमति को लेकर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जनसेना पार्टी द्वारा दायर हाउस मोशन याचिका खारिज कर दी। यह अदालत में तत्काल सुनवाई के लिए दायर की जाने वाली विशेष याचिका होती है।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह अनुरोध सदन में तत्काल प्रस्ताव के रूप में सुनवाई के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं था।
जन सेना पार्टी ने साइबराबाद पुलिस के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें पवन कल्याण की ‘तेलंगाना नव निर्माण संकल्प सभा’ को अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था, जिसे 2 जून को तेलंगाना स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाना था।
जन सेना ने पहले कहा था कि अगर उच्च न्यायालय बैठक की अनुमति देने से इनकार करता है, तो उसके प्रमुख पवन कल्याण जुबली हिल्स स्थित अपने आवास पर मीडिया को संबोधित करेंगे।
पवन कल्याण ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं आज जुबली हिल्स स्थित अपने घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। मुझे उम्मीद है कि तेलंगाना पुलिस विभाग कम से कम मुझे जेएसपी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति देगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि जन सेना पार्टी का जन्म तेलंगाना की धरती पर हुआ था और इसने इसी भूमि से संघर्ष की भावना को विरासत में प्राप्त किया और आत्मसात किया।
तेलंगाना स्थापना दिवस के अवसर पर तेलंगाना के लोगों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि जन सेना पार्टी तेलंगाना के लोगों की आकांक्षाओं को साकार करने, उनके आत्मसम्मान को बनाए रखने और उनके समग्र विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अटूट समर्पण के साथ काम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
साइबराबाद पुलिस ने सोमवार को जन सेना की बैठक आयोजित करने की अनुमति देने की अर्जी खारिज कर दी।
साइबराबाद कमिश्नरेट के सेरिलिंगमपल्ली जोन के पुलिस उपायुक्त सी.एच. श्रीनिवास ने जन सेना पार्टी के महासचिव तल्लूरी राम को सूचित किया कि कानून व्यवस्था और जन शांति एवं सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित बैठक आयोजित करने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया है।
जन सेना पार्टी ने कहा कि अनुमति को अस्वीकार करने के लिए बताए गए कारणों से जवाब मिलने की तुलना में अधिक प्रश्न उठते हैं और वे वास्तविक चिंताओं के बजाय बहाने की तरह प्रतीत होते हैं।
पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पूछा, “एक विश्लेषक की निराधार टिप्पणियों और उन निराधार टिप्पणियों के विरुद्ध दिए गए प्रतिवाद अचानक तेलंगाना भर में कानून व्यवस्था के लिए खतरा कैसे बन गए? क्या यह आयोजन को रोकने का एक घटिया बहाना नहीं है?”
–आईएएनएस
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