कोच्चि, 24 जून (आईएएनएस)। मलयालम फिल्म कलाकारों के संगठन एएमएमए (मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) में जारी विवाद के बीच दिग्गज अभिनेता और पद्म भूषण सम्मानित ममूट्टी ने उम्मीद जताई है कि संगठन में पैदा हुआ संकट जल्द समाप्त हो जाएगा।
बुधवार को ममूट्टी ने कहा, “बिल्कुल, एएमएमए में सब कुछ ठीक हो जाएगा। इसे ठीक होना ही है।” उनके इस बयान को ऐसे समय में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जब संगठन के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
ताजा विवाद की शुरुआत एएमएमए की पूर्व अध्यक्ष श्वेता मेनन के इस्तीफे के बाद हुई। श्वेता मेनन ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि वह किसी की कठपुतली बनकर काम करने को तैयार नहीं थीं।
बुधवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक तीखे बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि पद संभालने से पहले ही उनके चरित्र हनन की कोशिशें शुरू हो गई थीं और कार्यकाल के दौरान भी यह सिलसिला जारी रहा।
गौरतलब है कि रविवार को श्वेता मेनन के नेतृत्व वाली पूरी कार्यकारिणी ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कांग्रेस विधायक रमेश पिशारोडी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय एड-हॉक समिति गठित की गई है, जो अगले चार महीनों में नए कार्यकारी निकाय के चुनाव कराने सहित संगठन के कामकाज की देखरेख करेगी।
श्वेता मेनन ने आरोप लगाया कि उन्हें पूर्व पदाधिकारियों द्वारा लिए गए संदिग्ध फैसलों की जांच करने से रोका गया। उन्होंने पिछले दो कार्यकालों की वित्तीय गतिविधियों की व्यापक फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग भी उठाई।
उनका कहना है कि संगठन की कार्यप्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए खातों की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी राजनीतिक विचारधारा या संगठन से कोई संबंध नहीं है और न ही वह संघ परिवार या वामपंथी आंदोलन के साथ जुड़ी हुई हैं।
इधर, एएमएमए के पूर्व कोषाध्यक्ष उन्नी शिवपाल ने भी संगठन के वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि एक पारिवारिक कार्यक्रम पर करीब 15 लाख रुपये खर्च किए गए, जबकि इसके लिए कार्यकारिणी समिति की मंजूरी नहीं ली गई थी।
शिवपाल का कहना है कि उन्होंने इस खर्च का विरोध किया था और संभवतः इसी कारण उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्तीय निर्णयों से उन्हें अलग रखकर कई खातों को तैयार किया गया।
पूर्व कोषाध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेद इतने बढ़ गए थे कि अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के सीमित व्हाट्सएप समूह में भी अक्सर तीखी बहस होती रहती थी।
फोरेंसिक ऑडिट की मांग और वरिष्ठ सदस्यों के खुले आरोपों के बीच केरल के सबसे प्रभावशाली फिल्म संगठन में गहरे मतभेद उजागर हो गए हैं। हालांकि ममूट्टी को भरोसा है कि स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि एएमएमए का संकट फिलहाल खत्म होने से काफी दूर है।
–आईएएनएस
डीएससी
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