चेन्नई, 25 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु की राजनीति में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। एआईएडीएमके के तीन विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ पार्टी टीवीके में शामिल हो गए।
इन इस्तीफों से और ज्यादा दलबदल होने और राज्य में कई विधानसभा उपचुनावों की संभावना को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
ये तीनों विधायक, जिन्हें पूर्व मंत्रियों सीवी शनमुगम और एसपी वेलुमणि के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके गुट के करीब माना जाता है, उन्होंने अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को सौंप दिए।
इस्तीफे सौंपने के तुरंत बाद इन विधायकों ने मंत्री आधव अर्जुन से मुलाकात की और औपचारिक रूप से टीवीके में शामिल हो गए।
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने 233 सीटों पर चुनाव लड़ा था और शुरुआत में 107 सीटें हासिल की थीं, जिसके बाद विजय ने तिरुची पूर्व सीट खाली कर दी थी।
हालांकि, सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से पार्टी पीछे रह गई, लेकिन उसे दूसरे दलों से समर्थन मिला। कांग्रेस टीवीके के साथ आ गई और उसे सरकार में दो मंत्री पद दिए गए। वीसीके और आईयूएमएल सहित अन्य पार्टियां भी टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा बन गई, जबकि सीपीआई और सीपीआई (एम) ने सरकार के बाहर से बिना किसी शर्त के समर्थन दिया।
इसी बीच, सीवी शनमुगम और एसपी वेलुमणि के नेतृत्व वाले गुट से जुड़े लगभग 25 एआईएडीएमके विधायकों ने टीवीके सरकार के प्रति नरम रुख अपना लिया था, जिससे एआईएडीएमके के भीतर संभावित फूट की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि वेलुमणि गुट को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
बाद में आई खबरों में बताया गया कि इस गुट और एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच सुलह की कोशिशें शुरू हो गई हैं। विजय द्वारा तिरुची पूर्व सीट खाली कर देने के बाद इन तीनों विधायकों के इस्तीफे से तमिलनाडु में खाली सीटों की संख्या बढ़कर चार होने की उम्मीद है।
राजनीतिक विश्लेषक अब बारीकी से इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्या आने वाले दिनों में वेलुमणि-शनमुगम खेमे के और भी विधायक इसी राह पर चल सकते हैं।
–आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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