चेन्नई, 24 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र को फिर से बेहतर बनाने की कोशिशों में समर्थन और मार्गदर्शन के लिए मुख्यमंत्री विजय का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के वित्तीय प्रस्ताव विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकते हैं।
टैगोर ने एक्स पोस्ट में कहा कि अब पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज (जिन्हें ‘पेरुंथलैवर’ के नाम से भी जाना जाता है) के विजन को पूरा करने का समय आ गया है, जो शिक्षा को सामाजिक प्रगति की नींव मानते थे। मिलनाडु में उच्च शिक्षा की मजबूती और प्रतिष्ठा को बहाल करना अब बहुत जरूरी हो गया है।
टैगोर ने कहा कि विश्वविद्यालयों को कई तरह की ढांचागत और वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। उपलब्ध फंड का एक बड़ा हिस्सा प्रशासनिक और नियमित खर्चों में ही खर्च हो रहा है, जिससे संस्थानों के पास शैक्षणिक विकास, रिसर्च और बुनियादी ढांचे के लिए बहुत कम संसाधन बचते हैं।
उन्होंने डिस्टेंस एजुकेशन प्रोग्राम से होने वाली कमाई में कमी, यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) द्वारा फंड रोके जाने और विश्वविद्यालयों के रिजर्व फंड के खत्म होने जैसी वजहों का भी जिक्र किया, जिनकी वजह से संस्थान भारी दबाव में हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस सेक्टर में सुधार के लिए कई मोर्चों पर काम करने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि सिस्टम में मौजूद भ्रष्टाचार को खत्म करना होगा और साथ ही विश्वविद्यालयों में प्रभाव जमाने की दक्षिणपंथी और आरएसएस से जुड़ी ताकतों की कोशिशों का भी विरोध करना होगा।
माणिकम टैगोर ने कहा कि विश्वविद्यालयों को फिर से बेहतर बनाना होगा, शिक्षकों और प्रोफेसरों को सशक्त बनाना होगा और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली शिक्षा देनी होगी।
उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथन को बधाई दी, जो सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में विभाग के लिए अनुदान की मांग पेश कर रहे हैं।
टैगोर ने भरोसा जताया कि ये प्रस्ताव राज्य के उच्च शिक्षा नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय का भी “दिल से आभार” व्यक्त किया, जिन्होंने इस क्षेत्र में रचनात्मक पहलों के लिए पूरा समर्थन और दिशा-निर्देश दिए।
टैगोर ने कहा कि वित्तीय बयान के ऐतिहासिक होने की उम्मीद है, क्योंकि इसका मकसद तमिलनाडु में 2,150 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों और 60 से ज्यादा विश्वविद्यालयों को फिर से बेहतर बनाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा में राज्य के सकल नामांकन अनुपात को 50 प्रतिशत के आंकड़े से आगे ले जाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धि से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों तक पहुंच बढ़ेगी और तमिलनाडु को देश में उच्च शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।
–आईएएनएस
ओपी/पीएम
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