कोलकाता, 21 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के विधायक और राज्य अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख मोसरफ हुसैन ने रविवार को पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया।
उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हुसैन ने अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की घोषणा की।
हालांकि उन्होंने अपनी मां की बीमारी को कारण बताया, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विधानसभा में तृणमूल विधायकों के बागी गुट से उनके संपर्क हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ उनके अच्छे संबंध हैं और वे भविष्य में उनके नेतृत्व में राज्य के विकास के लिए काम करना चाहते हैं।
शुक्रवार को नई राज्य सरकार के पहले बजट सत्र की शुरुआत के दौरान हुसैन सदन से अनुपस्थित रहे, जिससे यह सवाल उठने लगे कि वे तृणमूल के किस गुट से जुड़े हैं। तब यह अटकलें लगाई गईं कि उन्होंने ममता बनर्जी के गुट से दूरी बना ली है और विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के करीब आ रहे हैं।
रविवार को उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वह अटकल सच साबित हो गई।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में बदलाव के कारण मैं अब पहले की तरह काम नहीं कर पा रहा हूं। इसके अलावा, मेरी मां कुछ दिन पहले बीमारी के कारण मक्का से घर लौटी हैं। इस हालत में मैं कुछ दिनों से विधानसभा नहीं जा पाया हूं। इसलिए मैं तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक दल के लिए काम नहीं करना चाहता।
उत्तर दिनाजपुर जिले के पांच तृणमूल विधायकों में से चार पहले ही ऋतब्रता बनर्जी के बागी तृणमूल खेमे में शामिल हो चुके हैं।
इस बीच, हुसैन ने मुख्यमंत्री अधिकारी की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री एक समय हमारी पार्टी के लिए इस जिले के पर्यवेक्षक थे। तब से हमारे उनके साथ अच्छे संबंध हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र का विकास करना महत्वपूर्ण है। विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी से बातचीत हो चुकी है।
सोमवार को, नई भाजपा सरकार का पहला बजट वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा। हुसैन ने कहा कि उनके उस दिन विधानसभा में उपस्थित रहने की संभावना है।
–आईएएनएस
एमएस/
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