2018 से अब तक 7,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती पारदर्शी तरीके से की गई: माणिक साहा

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अगरतला, 14 मई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने गुरुवार को कहा कि शिक्षकों को जिम्मेदारी की भावना के साथ काम करना चाहिए और प्रभावी एवं आधुनिक शिक्षण विधियों के माध्यम से छात्रों के लिए ज्ञान के द्वार खोलने चाहिए। स्नातकोत्तर शिक्षकों के पदों के लिए नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भावी पीढ़ियों को संवारने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यह उनके लिए गर्व की बात होनी चाहिए जब छात्र परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। बदलते समय के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते…

अगरतला, 14 मई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने गुरुवार को कहा कि शिक्षकों को जिम्मेदारी की भावना के साथ काम करना चाहिए और प्रभावी एवं आधुनिक शिक्षण विधियों के माध्यम से छात्रों के लिए ज्ञान के द्वार खोलने चाहिए।

स्नातकोत्तर शिक्षकों के पदों के लिए नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भावी पीढ़ियों को संवारने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यह उनके लिए गर्व की बात होनी चाहिए जब छात्र परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।

बदलते समय के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा के साथ-साथ शिक्षण प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने पर भी जोर दिया जाना चाहिए।

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्नातकोत्तर शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए रवींद्र शताब्दी भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम के दौरान कुल 865 स्नातकोत्तर शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुए, जबकि मुख्यमंत्री ने स्वयं 34 नव नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे।

सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा विभाग का प्रभार भी संभाल रहे साहा ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ, सरकार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न विभागों में नए पद भी सृजित कर रही है। वर्तमान में, सरकारी नौकरी पाने के लिए किसी को सिफारिश की आवश्यकता नहीं है। नियुक्तियां पूरी तरह से योग्यता और अनुभव के आधार पर की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य के शिक्षित, बेरोजगार युवाओं को अब सरकार द्वारा उनकी प्रतिभा और मेहनत के लिए मान्यता मिल रही है, क्योंकि सरकार ने पूरी तरह से पारदर्शी भर्ती नीति अपनाई है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राज्य सरकार उचित योजना और पारदर्शिता के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है, उसी प्रकार भर्ती प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है।

साहा ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी शासन और जनहितैषी कार्यों के माध्यम से जनता का विश्वास और भरोसा जीतना है। शिक्षकों को छात्रों की मानसिकता और मनोविज्ञान को समझना चाहिए, उनसे अच्छे संबंध बनाए रखने चाहिए और कक्षाओं में प्रभावी शिक्षण सुनिश्चित करना चाहिए।

साहा ने कहा कि सरकार शैक्षिक बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ राज्य भर के स्कूलों के लिए नियमित रूप से शिक्षकों की भर्ती भी कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2018 से अब तक स्कूल शिक्षा विभाग के तहत पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 7,104 शिक्षकों की भर्ती की गई है।

–आईएएनएस

एमएस/

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