विजयवाड़ा में हिरासत में मौत के मामले में दो और पुलिसकर्मी गिरफ्तार

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विजयवाड़ा, 1 जुलाई (आईएएनएस)। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गाडे साई कृष्णा की कथित हिरासत में हुई मौत के मामले में दो और पुलिस कांस्टेबलों को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने बाबू राव और सांबैया को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या पांच हो गई है। बाबू राव और सांबैया, जो क्रमशः पांचवें और छठे आरोपी हैं, को द्वितीय एसीएम कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिया कि बाबू राव को अवनिगड्डा जेल में और सांबैया को गन्नावरम जेल में…

विजयवाड़ा, 1 जुलाई (आईएएनएस)। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गाडे साई कृष्णा की कथित हिरासत में हुई मौत के मामले में दो और पुलिस कांस्टेबलों को गिरफ्तार किया है।

एसआईटी ने बाबू राव और सांबैया को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या पांच हो गई है।

बाबू राव और सांबैया, जो क्रमशः पांचवें और छठे आरोपी हैं, को द्वितीय एसीएम कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिया कि बाबू राव को अवनिगड्डा जेल में और सांबैया को गन्नावरम जेल में रखा जाए।

आरोप हैं कि कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन में तैनात दो कांस्टेबलों ने सर्कल इंस्पेक्टर (स्टेशन हाउस ऑफिसर) एस.एस.वी.वी. नागराजू की सहायता की, जो इस मामले में मुख्य आरोपी है।

साई कृष्णा (25) 6 मई को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद लापता हो गया। उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे लॉकअप में पीट-पीटकर मार दिया गया और उसके शव को इलेक्ट्रिक श्मशान में जला दिया गया।

खबरों के मुताबिक, एसआईटी एक अन्य आरोपी सुरेश से पूछताछ कर रही है, जो नागराजू का दोस्त बताया जा रहा है।

दो हेड कांस्टेबल, अशोक और नानी ने सोमवार (29 जून) को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

एसआईटी ने मंगलवार को उनसे पूछताछ की। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

निलंबित एसएचओ की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर दोनों छिप गए थे।

राज्य सरकार ने दोनों हेड कांस्टेबलों को भी निलंबित कर दिया है।

एसआईटी ने नागराजू को 23 जून को गिरफ्तार किया। अगले दिन, एक शहर की अदालत ने उसे 8 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

एसआईटी निलंबित एसएचओ के खिलाफ गलत तरीके से हिरासत में रखने, हत्या करने और सबूत नष्ट करने के आरोपों की जांच कर रही है।

साई कृष्णा की मां विजया लक्ष्मी की शिकायत पर 19 जून को भारत न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(4), 127(6), 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया है कि उनके बेटे को हिरासत में प्रताड़ित किया गया और पीट-पीटकर मार दिया गया।

पिछले सप्ताह एसआईटी ने निचली अदालत को सूचित किया कि साई कृष्णा की हिरासत में लगी चोटों के कारण मृत्यु हो गई। अदालत को यह भी बताया गया कि पुलिस स्टेशन में लगे सीसीटीवी फुटेज को जानबूझकर डिलीट कर दिया गया था।

साई कृष्णा, जिनके खिलाफ कुछ मामले और गैर-जमानती वारंट लंबित थे, को 6 मई को मार्कपुरम से उठाया गया और कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन ले जाया गया। एसआईटी ने बताया कि उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और बाद में वे लापता हो गए।

कानून एवं व्यवस्था महानिरीक्षक एम. रवि प्रकाश की अध्यक्षता वाली एसआईटी में पश्चिम गोदावरी के पुलिस अधीक्षक अदनान नईम अस्मी, अल्लूरी सीतारामाराजू के एसपी अमित बरदार सदस्य के रूप में और बापटला जिले के अतिरिक्त एसपी एल. सुधाकर जांच अधिकारी के रूप में शामिल हैं।

–आईएएनएस

एसएचके/डीएससी

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