मेघालय की प्रारूप मतदाता सूची में फिर महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक, सत्यापन के बाद 1.8 लाख से ज्यादा नाम हटे

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शिलांग, 5 अगस्त (आईएएनएस)। मेघालय में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के बाद बुधवार को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में एक बार फिर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक दर्ज की गई है। राज्य के सभी 12 जिलों में प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दी गई है। मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) बी.डी.आर. तिवारी ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल 21,69,243 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 11,16,199 महिलाएं, 10,53,039 पुरुष और पांच थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत किए गए राज्यव्यापी सत्यापन अभियान के बाद मतदाता सूची से 1.8 लाख…

शिलांग, 5 अगस्त (आईएएनएस)। मेघालय में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के बाद बुधवार को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में एक बार फिर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक दर्ज की गई है। राज्य के सभी 12 जिलों में प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दी गई है।

मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) बी.डी.आर. तिवारी ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल 21,69,243 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 11,16,199 महिलाएं, 10,53,039 पुरुष और पांच थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत किए गए राज्यव्यापी सत्यापन अभियान के बाद मतदाता सूची से 1.8 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। संशोधित प्रारूप सूची में अब 21,69,243 मतदाता हैं, जबकि पुनरीक्षण से पहले यह संख्या 23,49,645 थी।

सीईओ ने बताया कि सत्यापन के दौरान 1,80,402 मतदाता (कुल मतदाताओं का 7.68 प्रतिशत) ‘अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट’ (एएसडीडी) श्रेणियों में पाए गए। इनमें 81,490 (3.47 प्रतिशत) मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी, 45,011 (1.92 प्रतिशत) अनुपस्थित या पता नहीं चल सके, 42,532 (1.81 प्रतिशत) स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर चले गए थे, 6,701 (0.29 प्रतिशत) के नाम पहले से अन्य स्थानों पर दर्ज थे, जबकि 4,668 (0.20 प्रतिशत) लोगों ने गणना प्रपत्र जमा करने से इनकार किया या वे अन्य श्रेणियों में शामिल थे।

तिवारी ने कहा कि एसआईआर-2026 के तहत चुनावी मशीनरी ने राज्यभर में घर-घर जाकर व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान सभी 23,49,645 मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए गए और उनका 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण भी किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की वैधानिक अवधि शुरू हो गई है, जो 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक चलेगी।

–आईएएनएस

डीएससी

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