कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने ममता बनर्जी से कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का आग्रह किया

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कांग्रेस-टीएमसी गठबंधन से भाजपा को नुकसान होगा: हुसैन दलवई

दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद ‘इंडिया’ ब्लॉक में सब कुछ ठीक दिखाई नहीं दे रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है। महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवई ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। हुसैन दलवई नेकहा कि मुझे लगता है कि जिस जगह कांग्रेस मजबूत है, वहां ममता बनर्जी को कांग्रेस को सीटें देनी चाहिए।

अगर ‘इंडिया गठबंधन’ एकजुट होकर लड़ेगा, तो इससे एक अच्छा संदेश जाएगा। लेकिन अगर उनकी (तृणमूल कांग्रेस की) सीटें कम आएंगी, तो वह कांग्रेस को दोष देंगी। ममता बनर्जी अकेले लड़ना चाहती हैं, तो ठीक है, लेकिन उन्हें विचार करना चाहिए और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुप रहने वाली पार्टी नहीं है। इंडिया’ गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए हुआ था। हालांकि, कांग्रेस का उद्देश्य है कि देश और राज्य से भाजपा को हटाना है। आरएसएस जिस प्रकार से इस देश में राजनीति कर रही है, वह देश के लिए बहुत खतरनाक है। इनके खिलाफ सभी पार्टियों को एक होकर लड़ना चाहिए। पश्चिम बंगाल में अगर कांग्रेस और तृणमूल अलग-अलग लड़ेगी, तो दोनों का नुकसान होगा और इसका फायदा भाजपा को होगा, इस बात पर ममता बनर्जी को विचार करना चाहिए। कांग्रेस का उद्देश्य एक है, इसलिए राहुल गांधी लोगों की बात मानते हैं, लेकिन इन्हीं लोगों के चलते भाजपा को फायदा होता है।

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के मदरसों की जांच वाले बयान पर उन्होंने कहा, “अनपढ़ आदमी भी ऐसी बातें नहीं करता है। मुझे लगता है कि जिस तरीके का बयान वह देते हैं, क्या मुसलमानों के खिलाफ बोलने का कोई डिपार्टमेंट बनाया गया है, जिसके मुखिया नितेश राणे हैं। वह (नितेश राणे) क्या बोलते हैं, देश उससे नहीं चलता है, बल्कि कानून से चलता है।

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