ISI-backed Shahzad Bhatti Network: केंद्र के नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में एक साथ ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध ऑपरेटिव्स को पकड़ा है। अब तक इस मामले में 80 से अधिक FIR दर्ज होने और 200 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई है। इस पूरे एक्शन की जानकारी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी। जिसपर पाकिस्तान तिलमिला उठा है और शहबाज शरीफ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
इस पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस ने 12 अगस्त को रियल-टाइम खुफिया जानकारी शेयर करने सिस्टम के जरिए कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई की। इसका मकसद स्वतंत्रता दिवस के आसपास किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि या गड़बड़ी को रोकना था।
Modi govt destroyed the ISI-backed terror group Shahzad Bhatti Network ahead of Independence Day and thwarted its plans for subversive attacks by arresting more than 200 operatives.
Indian security forces ripped apart the network by launching coordinated operations across…
— Amit Shah (@AmitShah) August 17, 2026
किन राज्यों में कितने लोगों पर लिया गया एक्शन कार्रवाई?
- इस पूरे ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में संदिग्धों को पकड़ा गया।
- जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51, पंजाब में 44 और राजस्थान में 15 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
- इसके अलावा महाराष्ट्र में 8, उत्तराखंड में 5, जबकि कर्नाटक, गुजरात और बिहार में 3-3 लोगों पर कार्रवाई हुई।
- तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में 2-2 लोगों को हिरासत में लिया गया।
- दिल्ली और कर्नाटक में इस कार्रवाई के दौरान नई FIR भी दर्ज की गई हैं।
क्या है शहजाद भट्टी नेटवर्क?
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान में मौजूद और ISI के समर्थन से चलने वाला आतंकी सिंडिकेट है। आरोप है कि यह नेटवर्क भारत में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए स्थानीय लोगों का इस्तेमाल करता था। वहीं जांच एजेंसियों ने यह भी बताया कि नेटवर्क से जुड़े लोग ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम से हमले की योजना बनाने के अलावा टारगेट किलिंग जैसी गतिविधियों में भी शामिल थे। स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर पुलिस हेडक्वार्टर, रक्षा से जुड़े ठिकानों और धार्मिक स्थलों की रेकी कराने का भी आरोप है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि यह भी सामने आया कि नेटवर्क से जुड़े लोग निगरानी के लिए CCTV कैमरों का इस्तेमाल करते थे। सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई के दौरान ऐसे उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर जासूसी और रेकी में किया जा रहा था।
ऑपरेशन में क्या-क्या बरामद हुआ?
- ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी और गिरफ्तारी के दौरान IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और CCTV कैमरे बरामद किए गए।
- इन बरामदगी को जांच में अहम सबूत माना जा रहा है।
- मामलों में आतंकवाद और संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अलग-अलग कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है।
- इनमें UAPA, BNS, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम शामिल हैं।
अमित शाह ने क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दिखाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि भारत सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख जारी रखेगा।
सुरक्षा एजेंसियों की यह कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस से पहले की गई है। ऐसे में कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया निगरानी को भी मजबूत किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क की गतिविधियों और गिरफ्तार किए गए लोगों से जुड़े संपर्कों की आगे भी जांच जारी रहेगी।
पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को बताया गलत
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के गृह मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत में हुई कुछ गिरफ्तारियों को पाकिस्तान से जोड़ना गलत है और इसका कोई आधार नहीं है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत लगातार पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। उसके मुताबिक, ऐसे आरोप भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने और घरेलू राजनीति में फायदा लेने के लिए लगाए जा रहे हैं।
कुलभूषण जाधव का भी किया जिक्र
पाकिस्तान ने अपने बयान में एक बार फिर भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव का मामला उठाया। पाकिस्तान का दावा है कि जाधव के मामले से भारत की कथित गतिविधियों के सबूत मिलते हैं। वहीं, भारत पहले भी पाकिस्तान के इन दावों को खारिज करता रहा है। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि उसने आतंकवाद और देश में अस्थिरता फैलाने से जुड़ी कथित भारतीय गतिविधियों के सबूत कई बार साझा किए हैं।
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