कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की वेटरिनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर ED ने मंगलवार को 21 जगहों पर छापेमारी की। कर्नाटक के कई शहरों के साथ ही अहमदाबाद में भी यह छापेमारियां की जा रही हैं। ये छापेमारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है। यह कार्रवाई KPSC के निलंबित चेयरमैन शिवशंकरप्पा साहूकार के जमानत के लिए हाई कोर्ट जाने के एक दिन बाद शुरू हुई।
किन-किन जगहों पर हुई छापेमारी?
ED ने कुल 21 जगहों पर छापेमारी की है। इनमें KPSC का ऑफिस, निलंबित चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस. साहूकार और सदस्य शांता होसमनी के घर, कथित बिचौलियों के ठिकाने, परीक्षा की डिजिटल कॉपी जांचने वाली एडुटेस्ट सॉल्यूशंस कंपनी का ऑफिस और चुने गए वेटरिनरी ऑफिसर उम्मीदवारों के ठिकाने शामिल हैं।

ये छापेमारी कर्नाटक के कई शहरों और अहमदाबाद में की जा रही है, जिनमें बेंगलुरु, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी और बेलगावी शामिल हैं।
छात्रों के सिलेक्शन के लिए मांगे 70-80 लाख रूपये
जानकारी के मुताबिक, KPSC ने 342 नियमित (Regular) और 58 बैकलॉग (Backlog) पदों समेत कुल 400 वेटरिनरी ऑफिसर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। आरोप है कि बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत कई उम्मीदवारों से संपर्क किया और उनके सिलेक्शन के लिए प्रति उम्मीदवार 70 लाख से 80 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि वैसे देने पर उनका सिलेक्शन हो जाएगा।
शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाए?
शिकायतकर्ता ने अपने दावे के समर्थन में बिचौलियों की कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग स्थानीय शिक्षा प्राधिकरण (LEA) को सौंपी हैं। इसके साथ ही, LEA के सामने दर्ज शिकायतों में पेपर लीक होने, ओमएआर आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने और KPSC अधिकारियों के रिश्तेदारों के फाइनल सिलेक्शन में मदद करने के आरोप भी शामिल हैं।
पैसों के लेन-देन की जांच जारी
ED की जांच का मकसद भर्ती में हुई कथित गड़बड़ी, रिश्वत के पैसों के लेन-देन और बिचौलियों की भूमिका का पता लगाना है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि कथित तौर पर जुटाए गए पैसे कहां रखे गए और किन खातों के जरिए उनका लेन-देन हुआ। तलाशी के दौरान डिजिटल डिवाइस, हार्ड ड्राइव, वित्तीय दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।



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