बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में पांच पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद आज मांग की कि केंद्र सरकार राज्य के हालात के अध्ययन के लिए केन्द्रीय दल भेजे तथा राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में विचार करे। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद बीजेपी में इस राज्य के प्रभारी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ये संकेत दिये।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वैचारिक रूप से हम इस बात के पक्षधर हैं कि चुनी हुई सरकार को अपना कार्यकाल पूरा करने देना चाहिए। राज्य के लोगों के जानमाल की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है पर जिस तरह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कसम खाकर विरोधियों को मिटा देने की बात कह रहीं हैं, चाहे अराजकता ही फैल जाये। तब फिर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में सोचा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल के हालात के अध्ययन के लिए केन्द्रीय दल को भेजना चाहिए। वहां के हालात बेहद खराब हो चुके हैं, चुनाव बीत चुके हैं लेकिन राजनीतिक हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है और मुख्यमंत्री द्वारा बेहद आपत्तिजनक एवं भड़काऊ बयान दिये जा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच लगातार बढ़ रहे संघर्ष के बीच बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं की मौत के विरोध में सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट उप मंडल में 12 घंटे का बंद रखा जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बंद के दौरान दुकानें बंद रहीं। सड़कें वीरान नजर आईं और बंद समर्थकों ने रेल पटरी पर एकत्र होकर सियालदाह को जोड़ने वाली रेल सेवाओं को रोका।


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