विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी का भारत-श्रीलंका के संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है और भारत कोविड-19 के बाद श्रीलंका के साथ सहयोग को लेकर उत्साहित है। जयशंकर श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुणवर्धन के न्योते पर पांच से सात दिसंबर तक तीन दिनों की यात्रा पर आए हैं। यह 2021 में उनकी पहली विदेश यात्रा है। साथ ही वह नये साल में श्रीलंका आने वाले पहले विदेशी हस्ती हैं।
गुणवर्धन के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जयशंकर ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी भारत-श्रीलंका के द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचा सकी है। जयशंकर ने कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि पिछले एक साल में उच्च स्तर पर संपर्क बना रहा और वह पहले से मजबूत हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब हम श्रीलंका के साथ कोविड-19 के बाद सहयोग को लेकर उत्साहित हैं।’’
विदेश मंत्री ने भारत से टीका प्राप्त करने के श्रीलंका के हित के बारे में भी चर्चा की। यह आश्वासन देते हुए कि श्रीलंका के लिए भारत ‘‘भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार है’’ जयशंकर ने कहा कि देश ‘‘परस्पर हित, परस्पर विश्वास, परस्पर सम्मान और परस्पर संवेदनशीलता’’ के आधार पर द्वीपीय देश के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के पक्ष में है। उन्होंने रेखांकित किया कि पड़ोसी देश फिलहाल कोविड-19 के बाद की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा, ‘‘यह सिर्फ जन स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं है बल्कि आर्थिक संकट की स्थिति भी है।’’


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