लखनऊ, 12 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी की ओर से स्कूल और कॉलेजों में बड़े जनसंपर्क अभियान की तैयारी को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा के प्रस्तावित अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल छात्रों और युवाओं से संपर्क करने से उनकी नाराजगी दूर नहीं होगी। सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि भाजपा एक तरफ युवाओं से संवाद की बात करती है जबकि दूसरी तरफ परीक्षा, रोजगार और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।
सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जेन जी के खिलाफ आप योजनाएं बनाते हो, जेन जी के पेपर लीक कराते हो, जेन जी को पैलेट गन से मारते हो, जेन जी को एके-47 से मारते हो और जेन जी को आतंकी कहते हो। भाजपा के नेता जेन जी को उग्रवादी कहते हैं और उनसे पूछते हैं कि फंड कहां से आया। उसके बाद कहते हैं जनसंपर्क करेंगे। अरे किस बात का जनसंपर्क करोगे? जेन जी तुम्हें अब उखाड़कर फेंक देगा।”
एयर इंडिया के एक पायलट से जुड़े डोप टेस्ट के मुद्दे पर भी सुरेंद्र राजपूत ने सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “देश में जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आई है, ड्रग तस्करी के मामले बढ़ गए हैं। भाजपा में अगर जरा सी भी शर्म है तो नागरिक उड्डयन मंत्री का इस्तीफा ले लेना चाहिए।”
उन्होंने सवाल उठाया कि “कैसे पायलट ड्रग्स लेकर विमान उड़ा रहा है? क्या पायलटों का पहले डोप टेस्ट नहीं होता? पायलटों का डोप टेस्ट क्यों नहीं किया गया।
राजपूत ने इसे यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा, “एक तरफ सरकार जेन जी को लेकर बिल्कुल लापरवाह है और दूसरी तरफ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी लापरवाह है। हमने तो ऐसा इतिहास में कभी नहीं देखा था कांग्रेस के शासनकाल में कोई पायलट नशे में रहा हो।”
केंद्र सरकार द्वारा एफसीआरए बिल को जेपीसी के पास भेजे जाने पर सुरेंद्र राजपूत ने इसे सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि कम से कम सरकार ने यह स्वीकार किया है कि इस तरह के महत्वपूर्ण विधेयक पर विस्तार से चर्चा की आवश्यकता है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जेपीसी में विपक्ष की प्रभावी भागीदारी होनी चाहिए, ताकि प्रस्तावित कानून की कमियों को सामने लाया जा सके और उनमें जरूरी सुधार किए जा सकें। किसी भी महत्वपूर्ण कानून को जल्दबाजी में लागू करने के बजाय उसके सभी पहलुओं पर चर्चा होना जरूरी है।
राम मंदिर के सीईओ की नियुक्ति के लिए चल रहे इंटरव्यू को लेकर भी सुरेंद्र राजपूत ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मंदिर का जो ट्रस्ट इंटरव्यू ले रहा है, वह विश्वासघातियों, चोरों, लुटेरों और डकैतों का ट्रस्ट है। ऐसे आरोपों के बीच ट्रस्ट को स्वयं किसी पद के लिए इंटरव्यू लेने का नैतिक अधिकार नहीं होना चाहिए। इसलिए पहले ट्रस्ट को भंग कर इसे नए सिरे से बनाया जाना चाहिए। इसमें देश के प्रमुख संतों, शंकराचार्यों, रामानुजाचार्यों और अखाड़ों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए।
झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर भी कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोग छात्र आंदोलन में घुसकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों का आंदोलन मूल रूप से परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर है और इसे राजनीतिक हिंसा में बदलने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों और सरकार के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। छात्रों की बड़ी संख्या में मांगों पर सहमति बन चुकी है जबकि कुछ मुद्दों पर कानूनी अड़चनें हैं।
–आईएएनएस
पीआईएम/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



