Live In Partner Dowry Case: लिव इन रिलेशनशिप में रहना और शादी ना करने के बाद भी दहेज का केस किया जा सकता है या नहीं। इसी मामले को लेकर बहस छिड़ गई है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बता दें कि कोर्ट में डॉक्टर लोकेश और तीर्थ नाम की महिला का केस सामने आया है जिसे लेकर बहस तेज हो गई है।
इस केस में लिव इन रह रही महिला ने अपने साथी पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज किया है लेकिन भारत के वैवाहिक कानूनों में सिर्फ पत्नी ही दहेज का केस दर्ज कर सकती है। अब इस केस में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल और एनके सिंह की बेंच ने सुनवाई की है जानें क्या कुछ कहा है।
Live In Partner Dowry Case

शादीशुदा व्यक्ति एक महिला के साथ लिव इन रिलेशन में है और अब महिला ने दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर दिया है लेकिन भारतीय IPC की धारा 498A के तहत सिर्फ पत्नी को ही दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराने का अधिकार मिलता है क्योंकि लिव इन रिलेशन में महिला को यह अधिकार नहीं मिलता है जबतक वह अपने पार्टनर के साथ शादी नहीं करती है। जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया तो कोर्ट ने भी केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।
Supreme Court Dowry Case
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यह मामला डॉक्टर लोकेश बी.एच. से जुड़ा हुआ है जहां वर्ष 2000 में लोकेश की महिला नवीना से शादी हुई थी लेकिन इस मामले में वर्ष 2010 में नया मोड़ सामने आया है जब लोकेश ने तीर्थ नाम की महिला के साथ लिव इन रिलेशन में रहे। अब महिला तीर्थ ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है और कहा है कि लोकेश ने दहेज मांगा इतना ही नही जलाने की भी कोशिश की थी जिससे दहेज उत्पीड़न के साथ ही घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज किया गया है।
Extra Marital Relationship Case

इस दोनों केस के बाद लोकेश कोर्ट में पेश हुआ और सुनवाई के दौरान कहा कि तीर्थ महिला के साथ शादी नहीं हुई है और कोई वैवाहिक संबंध नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन के सिंह की पीठ ने सुनवाई की है जिसमें कर्नाटक हाईकोर्ट ने लोकेश की याचिका खारिज कर दी थी इसके बाद यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।
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