LPG Cylinder Crisis Impacts Schools: मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग से समुद्री रास्तों में रुकावट आई है। जिसके कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर खास तौर पर LPG गैस की उपलब्धता पर पड़ रहा है। तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने डिस्ट्रीब्यूटर्स को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई सीमित करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के कारण कई जगह गैस संकट की स्थिति बन गई है और इसका प्रभाव स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन पर भी पड़ने लगा है।
LPG Cylinder Crisis Impacts Schools: दिल्ली-NCR के कुछ स्कूलों में फूड सर्विस बंद होने की तैयारी
दिल्ली और गुरुग्राम के प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक श्री राम स्कूल ने अभिभावकों को ईमेल भेजकर बताया है कि स्कूल में जल्द ही फूड सर्विस बंद करनी पड़ सकती है। स्कूल प्रशासन के अनुसार, उनके कैटरर ने जानकारी दी है कि LPG की कमी के कारण वे स्कूल के लिए जरूरी मात्रा में गैस नहीं जुटा पा रहे हैं। फिलहाल स्कूल के पास 16 मार्च तक ही गैस उपलब्ध है, इसके बाद लंच और स्नैक्स की सुविधा बंद करनी पड़ सकती है।
बिहार में पीएम पोषण योजना पर असर की आशंका
युद्ध का आज 14वां दिन है और इसके कारण ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ता जा रहा है। बिहार में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को गर्म भोजन दिया जाता है, लेकिन कई जगह रसोई में LPG की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं कि गैस के बिना बच्चों का खाना कैसे तैयार किया जाएगा। हालांकि इस संबंध में अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
केरल में लकड़ी से खाना पकाने की अनुमति
गैस की कमी से निपटने के लिए केरल में अधिकारियों ने स्कूलों को अस्थायी तौर पर लकड़ी से खाना पकाने की अनुमति दे दी है। लोक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दोपहर के भोजन की योजना किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पहले स्कूलों में लकड़ी जलाकर खाना पकाने पर प्रतिबंध था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इस नियम में ढील दी गई है।
महाराष्ट्र में भी बच्चों के भोजन पर संकट
महाराष्ट्र के नागपुर समेत कई जिलों में LPG की कमी का असर स्कूली भोजन योजना पर पड़ने की आशंका है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पोषक भोजन दिया जाता है। नागपुर जिले में ही करीब तीन लाख छात्र इस योजना का लाभ लेते हैं। लेकिन गैस की कमी के कारण आने वाले दिनों में स्कूलों की रसोई प्रभावित हो सकती है।
सरकार के निर्देश और प्राथमिकताएं
केंद्र सरकार ने मौजूदा हालात को देखते हुए LPG की सप्लाई को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई सीमित कर दी है और फिलहाल होटल-रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों को गैस की आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगाई गई है। सरकार का मुख्य ध्यान घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है। इसके अलावा घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। कमर्शियल गैस की आपूर्ति फिलहाल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों तक ही सीमित रखने का निर्देश दिया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट से बढ़ी परेशानी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में बताया कि दुनिया के ऊर्जा इतिहास में यह एक असाधारण स्थिति है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और LPG की आपूर्ति होती है, लेकिन पिछले कई दिनों से इस समुद्री मार्ग पर आवाजाही प्रभावित है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य तनाव के कारण यह स्थिति बनी है।
सरकार का दावा, स्थिति नियंत्रण में
मंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने गैस की कमी को कम करने के लिए वैकल्पिक रास्तों से LNG की आपूर्ति शुरू कर दी है। देश में रोजाना लगभग 90 MMSCMD प्राकृतिक गैस का घरेलू उत्पादन होता है। इसके अलावा दूसरे मार्गों से भी गैस के जहाज लगातार भारत पहुंच रहे हैं। सरकार का कहना है कि आवश्यक सेवाओं और बिजली उत्पादन के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध है और स्थिति को संभालने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
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