इंदौर, 9 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में ब्रिक्स देशों का कृषि पर मंथन का दौर शुरू हो गया है। पहले चरण में कृषि कार्य समूह की बैठक हो रही है तो वहीं दूसरे चरण में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री समस्याओं, चुनौती और समाधान पर चर्चा करेंगे।
ब्रिक्स देशों का कृषि पर यह मंथन पांच दिवसीय है, पहले दिन मंगलवार को कई सत्रों में चर्चाओं का दौर चला। पहले तीन दिन कृषि कार्य समूह विभिन्न क्षेत्रों में चर्चा करेंगे, वहीं अंतिम दो दिन ब्रिक्स देशों के मंत्री कृषि हालातों पर संवाद करने के साथ आगामी रणनीति बनाएंगे।
ब्रिक्स देशों के कृषि कार्यसमूह (वर्किंग ग्रुप) की महत्वपूर्ण बैठक में सदस्य देशों के कृषि क्षेत्र से जुड़े साझा मुद्दों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। अधिकारियों के स्तर पर आयोजित इस बैठक में कई सत्रों में चर्चा हुई है।
बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग को और अधिक मजबूत करना है। इसमें किसानों के सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं, जैसे वित्तीय चुनौतियां, जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न संकट, प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। साथ ही आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने, कृषि अनुसंधान एवं नवाचारों के आदान-प्रदान तथा सदस्य देशों के बीच कृषि व्यापार को विस्तार देने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि भविष्य में बढ़ती जनसंख्या और बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए खाद्य उपलब्धता सुनिश्चित करना सभी देशों की प्राथमिकता है। इसके लिए साझा प्रयासों और समन्वित नीतियों की आवश्यकता पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि यह एक बहुस्तरीय मंच है, जहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करते हैं और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करते हैं। बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि किस प्रकार सभी सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।
भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि देश की बड़ी आबादी और खाद्य सुरक्षा की जरूरतों को देखते हुए कृषि क्षेत्र का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में ब्रिक्स मंच पर कृषि सहयोग भारत के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कार्यसमूह बैठक 11 जून तक चलेगी। इसके बाद 12 और 13 जून को मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित होगी, जिसमें ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री और सहयोगी देशों के प्रतिनिधि भाग लेकर कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
–आईएएनएस
एसएनपी/डीकेपी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



