भोपाल, 13 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालय में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के आदेश जारी हो गए हैं। जूनियर डॉक्टरों को 1 अप्रैल 2025 से इसका लाभ मिलेगा।
दरअसल, मध्य प्रदेश के शासकीय महाविद्यालय में कार्यरत जूनियर डॉक्टर ने पूर्व में किए गए वादे के अनुसार स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का लाभ न मिलने के विरोध में हड़ताल कर दी थी। सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि जल्दी ही आदेश जारी कर दिए जाएंगे, जिस पर जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए थे। अब सरकार की ओर से डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का आदेश जारी हो गया है।
राज्य के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त एवं जनोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जूनियर डॉक्टर पूर्ण समर्पण से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और सुदृढ़ करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभायेंगे।
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूर्ण करते हैं। मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी जूनियर डॉक्टर अग्रणी भूमिका निभाते हैं। शुक्ल ने जूनियर डॉक्टर के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को सकारात्मक समाधान के निर्देश दिए थे। उसके अनुक्रम में विभाग द्वारा स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि करते हुए 1 अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है।
इसके तहत पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये, द्वितीय वर्ष का 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये तथा तृतीय वर्ष का 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये किया गया है। इसी प्रकार इंटर्न का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये किया गया है। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के स्टाइपेंड को भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये तथा जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एवं सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
–आईएएनएस
एसएनपी/डीएससी
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