Maharashtra Heavy Rain: महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे सहित कई हिस्सों में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन और यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। पुणे जिले में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण भूस्खलन और दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग बारिश से संबंधित अलग-अलग घटनाओं में बह गए। वहीं, 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

यातायात व्यवस्था ठप
मुंबई-पुणे क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों शहरों के बीच 94 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे सहित रेल और सड़क यातायात ठप हो गया। महानगर और उसके आसपास के इलाकों में हुई इस भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं और भारी संख्या में पेड़ उखड़ गए। इसके साथ ही, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हाल ही में शुरू हुए ‘मिसिंग लिंक’ खंड पर भी वाहनों की रफ्तार थम गई।
प्रभावित इलाकों में प्रशासन अलर्ट
सड़क और रेल यातायात बाधित होने के बाद जिला प्रशासन ने अभियान चलाकर जलभराव वाले इलाकों से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और 270 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। पुणे जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के 27 राजस्व क्षेत्रों में 65 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसमें मावल में सबसे अधिक 237.3 मिमी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि मावल के तलेगांव इलाके में दमकल विभाग ने एक कंपनी की बस में फंसे 30 कर्मचारियों को बचाया, जबकि एहतियात के तौर पर ताजे गांव के 250 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

Maharashtra Landslide News: भारी बारिश से सड़कें जलमग्न
अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश और गंभीर जलभराव ने पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) के परिचालन को भी ठप कर दिया, जिससे मुंबई और दक्षिण गुजरात के विभिन्न स्टेशनों पर 20 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें फंसी रहीं। पश्चिम रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारी बारिश, जलभराव और भूस्खलन के कारण 40 से अधिक सेवाएं प्रभावित हुईं, जिनमें से कम से कम आठ ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया, 10 को रद्द कर दिया गया और कई अन्य के मार्ग बदल दिए गए या उनकी यात्रा गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दी गई।

Maharashtra Heavy Rain: सीएम फडणवीस ने स्थिति का लिया जायजा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और विधानसभा में भी बयान दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि भारी बारिश का यह संकट आठ जुलाई तक जारी रह सकता है, जिसके कारण पूरे सरकारी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी आज मंत्रालयातील आपत्ती व्यवस्थापन कक्षात जाऊन राज्यातील पावसाच्या स्थितीचा आढावा घेतला. मंत्री गिरीश महाजन, राज्याचे मुख्य सचिव, पोलिस महासंचालक, मुंबई महापालिका आयुक्त व इतर संबंधित विभागांचे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित होते. विभागीय आयुक्त,… pic.twitter.com/ReHQQFKb1l
— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) July 6, 2026
उन्होंने मंगलवार को नासिक के कुछ हिस्सों में बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई। फडणवीस ने कहा कि अत्यधिक बारिश एक ‘प्राकृतिक आपदा’ जैसी स्थिति है, जो मानवीय नियंत्रण से बाहर है, लेकिन जनता के सहयोग से ऐसी आपातकालीन स्थितियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
Maharashtra Heavy Rain: सुरक्षाबलों की टीमें तैनात
उन्होंने कहा, पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र, नगर निगम, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें पूरी तरह मुस्तैद (हाई अलर्ट पर) हैं। मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इस तरह का भीषण भूस्खलन पहले कभी नहीं हुआ था; वहां करीब 100 टन मलबा सड़क पर आ गिरा। उन्होंने कहा कि इसमें से 70 टन मलबा हटाकर पुणे की ओर जाने वाली तीन लेन खोल दी गई हैं और मुंबई की ओर का रास्ता साफ किया जा रहा है।


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