Mamta Banerjee News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग से आमने-सामने हैं। सोमवार को ममता बनर्जी 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय पहुंचीं। इस प्रतिनिधिमंडल में उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी, टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी समेत अन्य लोग शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल में दो बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), पांच ऐसे परिवारों के सदस्य जिनके परिजनों का नाम मृत दिखा दिया गया है और पांच ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन्हें जीवित होने के बावजूद मृत बताया गया। सभी लोग विरोध के तौर पर काले शॉल पहनकर पहुंचे थे। बैठक के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।

Mamta Banerjee News: दिल्ली पहुंचकर लगाए उत्पीड़न के आरोप
इससे पहले रविवार रात ममता बनर्जी दिल्ली पहुंची थीं। उनके साथ वे परिवार भी थे, जो SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों और कथित परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सोमवार सुबह ममता ने चाणक्यपुरी और हेली रोड स्थित बंग भवन का दौरा किया, जहां ये परिवार ठहरे हुए हैं। उन्होंने वहां दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही निगरानी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बंगाल से आए लोगों को परेशान किया जा रहा है।
#WATCH दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली में चुनाव आयोग के ऑफिस से बाहर आईं।
उन्होंने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं। मैं बहुत लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में शामिल हूं। मैं 4 बार मंत्री और 7 बार सांसद रही हूं। मैंने ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं… pic.twitter.com/iQEbu6x8Lb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2026
Mamata Banerjee on Chief Election Commissioner: चुनाव आयोग पर ममता का तीखा हमला
चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस पूरे मामले से बेहद दुखी हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने इतना अहंकारी और असत्य बोलने वाला मुख्य चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा। ममता ने कहा कि वह चुनाव आयुक्त के पद का सम्मान करती हैं, लेकिन कोई भी पद स्थायी नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में करीब 98 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए, बिना उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिए।
बंगाल को क्यों बनाया जा रहा निशाना?
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर सिर्फ पश्चिम बंगाल को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक चुनाव लोकतंत्र का उत्सव होते हैं, लेकिन आयोग की कार्रवाई ने लोगों को परेशान कर दिया है। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर SIR प्रक्रिया जरूरी है तो असम जैसे राज्यों में इसे क्यों नहीं लागू किया गया। ममता का आरोप है कि चुनाव आयोग के पास उनके सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं था।

CEC Gyanesh Kumar: चुनाव आयोग ने किया पलटवार
ममता बनर्जी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने भी सफाई दी है। आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने पूरी बैठक के दौरान शालीन और सम्मानजनक व्यवहार रखा। इसके बावजूद ममता बनर्जी ने गलत आरोप लगाए, बैठक के दौरान अनुचित व्यवहार किया और गुस्से में बैठक छोड़कर चली गईं।

टीएमसी पर लगाए गंभीर आरोप
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता खुले तौर पर आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा चुनाव अधिकारियों को धमकाने और कुछ स्थानों पर ERO कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाओं का भी जिक्र किया गया। आयोग ने साफ कहा कि SIR से जुड़े काम में किसी तरह की रुकावट या दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह SIR को लेकर ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच विवाद और गहराता नजर आ रहा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।


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