वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अंतरराष्ट्रीय साख निर्धारण एजेंसी मूडीज द्वारा देश की रेटिंग बढ़ये जाने को आर्थिक सुधार के लिए उठाये गये कदमों का नतीजा बताते हुये आज कहा कि यह सरकार द्वारा उठाये गये आर्थिक और संस्थागत सुधारों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।
अरुण जेटली ने मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग को बीएए3 से बीएए2 किये जाने के बाद यहां संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि रेंटिंग में सुधार मोदी सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में ढांचागत सुधार के लिए उठाये गये कदमों के विश्वास को प्रदर्शित करता है।
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को इस तरह का अपग्रेड तभी मिलता है जब अर्थव्यवस्था में सकारात्मक सुधार होता है। सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाये रखा है। देश में सभी तरह के परिवर्तन एक ही दिशा में थे। भुगतान का डिजिटलीकरण, आधार प्लेटफार्म, बैंक पुनर्पूंजीकरण जैसे कदम अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि साख में सुधार के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का भी मूल्यांकन किया गया होगा।
अरुण जेटली ने कहा कि भारत की सुधार की प्रक्रिया को लेकर जिन लोगों को संदेह हैं उन्हें अब गंभीरता से आत्मचिंतन करना चाहिए क्योंकि 13 वर्षों के बाद मूडीज ने भारत की साख को सकारात्मक से स्थिर श्रेणी दी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मूडीज ने जीएसटी, मजबूत मौद्रिक नीति फ्रेमवर्क, सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के मुद्दे का समाधान, अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण और औपचारीकरण के लिए उठाये गये कदमों को सही मूल्यांकन किया है।
मूडीज ने भारतीय मुद्रा और विदेशी मुद्रा के जारी होने वाले बांड के लिए भारत की सोवरेन साख को बीएए3 से बढ़कर बीएए2 कर दिया है। इसके साथ ही उसने भारत के परिदृश्य को सकारात्मक से स्थिर श्रेणी में कर दिया है।


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