नाबालिगों को शराब परोसने वालों पर सख्ती, प्रियंक खड़गे ने दिए कड़े निर्देश

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बेंगलुरु, 8 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने नाबालिगों के शराब सेवन और शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों में उनकी एंट्री पर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के मंत्री प्रियंक खड़गे ने शहर पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी पब, ब्रुअरी, बार, क्लब, लाउंज, रेस्तरां और शराब परोसने वाले अन्य प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर नाबालिगों के प्रवेश और शराब सेवन को सख्ती से रोकने के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित करें। प्रियंक खड़गे ने कहा कि यह केवल लाइसेंसिंग का मुद्दा नहीं है, बल्कि युवाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने सभी शराब परोसने…

बेंगलुरु, 8 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने नाबालिगों के शराब सेवन और शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों में उनकी एंट्री पर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के मंत्री प्रियंक खड़गे ने शहर पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी पब, ब्रुअरी, बार, क्लब, लाउंज, रेस्तरां और शराब परोसने वाले अन्य प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर नाबालिगों के प्रवेश और शराब सेवन को सख्ती से रोकने के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित करें।

प्रियंक खड़गे ने कहा कि यह केवल लाइसेंसिंग का मुद्दा नहीं है, बल्कि युवाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने सभी शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों को प्रवेश के समय और शराब परोसने से पहले आयु सत्यापन की कड़ी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में 4,093 छात्रों पर किए गए एक हालिया अध्ययन ने चिंताजनक तथ्य सामने रखे हैं। अध्ययन के अनुसार, हर तीन में से एक किशोर शराब या तंबाकू के सेवन के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का सामना कर रहा है। करीब 33 प्रतिशत छात्रों ने शराब सेवन की बात स्वीकार की, जबकि लगभग 18 प्रतिशत ने तंबाकू की लत होने की जानकारी दी। अध्ययन में यह भी सामने आया कि शराब पीना शुरू करने की औसत आयु 17 वर्ष है, जबकि कुछ मामलों में यह उम्र केवल 8 वर्ष तक पाई गई।

मंत्री ने कहा कि सभी प्रतिष्ठानों को ‘नो आईडी, नो एंट्री’ नियम का सख्ती से पालन करना होगा। बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आयु प्रमाण के लिए सरकारी पहचान पत्र अनिवार्य होगा। नाबालिगों को शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए मालिकों, प्रबंधकों तथा लाइसेंस धारकों को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

इसके अलावा, सभी प्रतिष्ठानों में प्रवेश द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरों का चालू रहना और फुटेज को सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है। पुलिस को शैक्षणिक संस्थानों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) और नागरिक समूहों के साथ समन्वय बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

प्रियंक खड़गे ने कहा कि व्यावसायिक लाभ बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य की कीमत पर नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्नाटक सरकार नाबालिगों को शराब उपलब्ध कराने या ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाएगी।

उन्होंने दोहराया, “नो आईडी, नो एंट्री और नाबालिगों के लिए शराब बिल्कुल नहीं।”

–आईएएनएस

डीएससी

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