नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर की महिलाओं को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने विधायी निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल पर मिल रहे समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने इस पत्र के जरिए ‘नारी शक्ति’ को भरोसा दिलाया कि दशकों से लंबित इस महत्वपूर्ण कदम को लागू करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि अप्रैल का यह समय ऐतिहासिक महत्व रखता है क्योंकि यह बीआर अंबेडकर की जयंती का अवसर है। उन्होंने बाबा साहेब बीआर अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि उनके संविधान निर्माण में दिए गए योगदान आज भी देश का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा कि आज भारत की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और यह हमारे समय की सबसे सुखद तस्वीरों में से एक है। उन्होंने स्टार्टअप्स, विज्ञान, शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। खासकर खेल जगत में छोटे-छोटे शहरों से निकलकर भारतीय महिलाएं नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कई स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदी महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं और यह दिखा रहे हैं कि सामूहिक प्रयास से बड़ा बदलाव संभव है। प्रधानमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि वर्षों पहले सरदार पटेल ने अहमदाबाद म्युनिसिपैलिटी में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करने की पहल की थी। आजादी के बाद भारत ने पुरुषों और महिलाओं को समान मतदान का अधिकार दिया जबकि दुनिया के कई देशों में इसके लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रयास किए गए लेकिन वे पूरी तरह सफल नहीं हो सके। ऐसे में महिलाओं को विधायी संस्थाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना समय की मांग बन गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा और तब तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए महिलाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। जब महिलाएं नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होंगी, तो देश की प्रगति ज्यादा तेज होगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इसी सोच के तहत ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाया गया, जो महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में इस संवैधानिक संशोधन को जल्द पारित किया जाएगा।
पत्र में प्रधानमंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने-अपने सांसदों को पत्र लिखकर इस विधेयक के समर्थन के लिए प्रेरित करें। यह कदम आने वाली कई पीढ़ियों के भविष्य को प्रभावित करेगा। साथ ही उन्होंने सभी महिलाओं को आने वाले त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की।
–आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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