शिवराज सिंह ने दिया एकता और सेवा का मंत्र, कहा – “टीम इंडिया, टीम रूरल डेवलपमेंट…”

Summary :

National Conference : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन का शुभारंभ रविवार को दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। पहले दिन राज्यों से आए वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सत्रों में ग्रामीण विकास की योजनाओं पर गहन विचार‑विमर्श के बाद 29 जून यानी दूसरे दिन सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री सम्मेलन में शामिल होकर नीतिगत दिशा और सामूहिक रोडमैप पर चर्चा करेंगे। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय ग्रामीण…

National Conference : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन का शुभारंभ रविवार को दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया।

पहले दिन राज्यों से आए वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सत्रों में ग्रामीण विकास की योजनाओं पर गहन विचार‑विमर्श के बाद 29 जून यानी दूसरे दिन सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री सम्मेलन में शामिल होकर नीतिगत दिशा और सामूहिक रोडमैप पर चर्चा करेंगे। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी भी उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने उद्घाटन संबोधन में स्पष्ट किया कि यह सम्मेलन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विज़न से जुड़ी बहुत सोची‑समझी रणनीति है।

शिवराज सिंह ने कहा कि यह दो दिन का राष्ट्रीय मंथन मूलतः टीम इंडिया– टीम रूरल डेवलपमेंट का साझा प्रयास है। उन्होंने मंच से स्पष्ट किया कि यहां कोई मुख्य अतिथि नहीं, बल्कि केंद्र और राज्यों के अधिकारी‑मंत्रियों की एक संयुक्त टीम बैठी है और वे स्वयं भी इसी टीम के सदस्य हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियां उद्धृत करते हुए कहा कि ऊँचाई ऐसी नहीं होनी चाहिए कि हम दूसरों को गले न लगा सकें और यही भावना ग्रामीण विकास की नीतियों और क्रियान्वयन में भी दिखना चाहिए।

शिवराज चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी को “मैन ऑफ आइडिया” बताते हुए कहा कि उनके सीने में एक विकसित, सशक्त, आत्मनिर्भर और गौरवशाली भारत के लिए गहरी तड़प है। उन्होंने कहा कि इस तड़प को सफल परिणाम में बदलना तभी संभव है जब आज और कल, इन दोनों दिनों में यहां बैठे सभी अधिकारी और कल आने वाले सभी मंत्री दिन‑रात उसी मंत्र और संकल्प के साथ काम करें, ताकि गाँवों का विकास सीधे विकसित भारत की कहानी से जुड़ सके।

रिफॉर्म और विकसित भारत- जी राम जी पर फोकस

केंद्रीय मंत्री ​शिवराज चौहान ने विभिन्न सत्रों में वास्तविक सुधार‑मंथन की अपील करते हुए कहा कि नियमों, प्रक्रियाओं और क्रियान्वयन में जहाँ‑जहाँ बाधाएँ हैं, उन्हें ईमानदारी से चिन्हित कर बदलना होगा, क्योंकि सिर्फ योजना बनाना काफी नहीं, योजना ठीक ढंग से पहुँचाना ज़रूरी है।

मनरेगा पर बोलते हुए शिवराज सिंह ने अपने मुख्यमंत्री काल के अध्ययन का उल्लेख किया और कहा कि कई जगह मजदूरों की बजाय मशीनों से काम, मस्टर रोल में गड़बड़ियाँ और गलत अटेंडेंस जैसी कमियों के कारण भारी मात्रा में धन का दुरुपयोग हुआ है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सुधारात्मक बदलाव किए जा रहे हैं, मजदूरों के काम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किए गए हैं और संकल्प है कि जरूरतमंद कोई भी मजदूर बिना काम के नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि डेढ़ लाख करोड़ रुपए से अधिक का वार्षिक प्रावधान और अगले पाँच वर्षों में 75 लाख करोड़ रु. भारी निवेश यदि सही ढंग से पंचायतों तक पहुँचा और उपयोग हुआ तो गाँवों की बुनियादी तस्वीर निर्णायक रूप से बदली जा सकती है।

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Avinay