एमबीबीएस छात्रों के बीच इन दिनों नेशनल एग्जिट टेस्ट (नेक्सट) को लेकर एक सर्कुलर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि, नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह सर्कुलर पूरी तरह फर्जी है और इससे संबंधित कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है। वायरल सर्कुलर में दावा किया गया था कि नेक्सट परीक्षा 2022 बैच के एमबीबीएस छात्रों पर लागू की जाएगी और यह परीक्षा अंतिम वर्ष की क्वालिफाइंग परीक्षा, मेडिकल प्रैक्टिस के लाइसेंस तथा नीट-पीजी की जगह एकल प्रवेश परीक्षा के रूप में काम करेगी। साथ ही इसमें दो चरणों- थ्योरी और प्रैक्टिकल में परीक्षा आयोजित करने की बात भी कही गई थी। हालांकि, एनएमसी से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई आधिकारिक निर्णय फिलहाल नहीं लिया गया है।
छात्रों के लिए आधिकारिक सलाह और सतर्कता
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल एनएमसी की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों से ही अपडेट प्राप्त करें। फर्जी सर्कुलर छात्रों में अनावश्यक तनाव और भ्रम पैदा करते हैं फेमा के अधिकारी डॉ. रोहन कृष्णन का कहना है कि इस तरह के फर्जी सर्कुलर छात्रों में अनावश्यक तनाव और भ्रम पैदा करते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। इसलिए छात्रों को सतर्क रहने और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। कुल मिलाकर, नेक्सट परीक्षा को लेकर फिलहाल कोई नया बदलाव लागू नहीं किया गया है। ऐसे में छात्रों के लिए जरूरी है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।


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