नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की आर्थिक दिशा में बड़ा बदलाव आया है।
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि पहले भारत मिश्रित अर्थव्यवस्था के मॉडल पर चलता था, लेकिन अब सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को बेचकर और निजी क्षेत्र को अधिक जिम्मेदारी सौंपकर तेजी से निजीकरण की ओर बढ़ रही है। मेरी नजर में देश को प्रदर्शन के आधार पर चलना चाहिए, न कि जनसंपर्क (पीआर) के आधार पर। लेकिन सरकार ने वास्तविक प्रदर्शन की बजाय पीआर पर अधिक जोर दिया है।”
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मामले में उन्होंने न्यायिक जांच की उम्मीद जताई। सुखदेव भगत ने कहा, “मुझे विश्वास है कि अदालत इस बात की जांच करेगी कि यह पूरा मामला किस तरह हुआ। मेरी नजर में यह लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर मामला है। मीनाक्षी नटराजन के मामले में मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि सच सामने आना चाहिए और न्याय होना चाहिए।”
उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन के मामले और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की कार्रवाई पर भी कांग्रेस सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे मुद्दे बार-बार उठते रहते हैं। ऐसे समय में जब इंसान चांद तक पहुंच रहा है और विज्ञान के क्षेत्र में अद्भुत तरक्की हो रही है, यह अफसोस की बात है कि हम अभी भी हिंदू-मुस्लिम बंटवारे और गाय व गोबर जैसे मुद्दों पर बहस में उलझे हुए हैं। मुझे यह बड़ा अटपटा लगता है और मैं समझता हूं कि यह कुंठित सोच का परिचायक है।
दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की बैठक को लेकर भी सुखदेव भगत ने पार्टी की रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मैं यह साफ करना चाहता हूं कि राहुल गांधी जन मुद्दों को लेकर लगातार लोगों से मिल रहे हैं और उनकी परेशानियां सुन रहे हैं। वह सरकार के सामने इन मुद्दों को उठाते रहे हैं। हालांकि, हमारी नजर में सरकार सुनने को तैयार नहीं है और ज्यादा घमंडी हो गई है। आज हम अपने नेता, पार्टी अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ इस बात पर चर्चा करेंगे कि हम इन मुद्दों को और बेहतर तरीके से कैसे उठा सकते हैं और जनता तक कैसे पहुंचा जाए। इन विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
–आईएएनएस
पीएसके/एएस
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