केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने आज यहां इस वर्ष का पहला शिक्षा संवाद केंद्रीय विद्यालय के छात्रों के साथ किया जिसमें उन्होनें छात्रों के सवालों के जवाब देने के अलावा उन्हें उनकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं भी दी। डॉ निशंक ने कहा, “मैं समझता हूं कि स्कूल बंद होने से शिक्षा प्रभावित हुई है लेकिन आपके, आपके शिक्षकों के और हमारे प्रयासों से हमने ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से इस नुकसान की भरपाई की है।”
उन्होंने कहा कि “आप सभी ने इस महामारी के दौरान तकनीक का बेहतर उपयोग करना सीखा है और उससे आप सभी कुछ न कुछ रचनात्मक कर रहे हैं। आप लोगों ने इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन तकनीक एवं ज्ञान के संगम का पूरी तरह से लाभ उठाया है। आप सभी प्रशंसा के पात्र हैं क्योंकि आपने अपने समक्ष शिक्षा क्षेत्र में आने वाले व्यापक बदलावों को आत्मसात करते हुए परिवर्तन का एक नया अध्याय लिखा है।”
उन्होंने कहा कि हमारी नई शिक्षा नीति को पूरी दुनिया ने माना है, कैम्ब्रिज ने हमें मेल भेजकर कहा है कि दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञान भंडार हिंदुस्तान है। उन्होंने नई शिक्षा नीति को बहुत खूबसूरत कहा है। केंद्रीय विद्यालय हमारे देश की शान है। इस विद्यालय में लोग प्रवेश लेना चाहते हैं। माता-पिता को लगता है कि एक बार इस विद्यालय में उनके बच्चों का प्रवेश हो गया तो उनकी बेटी और बेटा पूरी दुनिया में नंबर वन हो जाएंगे। ये केंद्रीय विद्यालय की पहचान है।


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