Nitesh Rane Statement: भाजपा नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के एक बयान ने मुंबई की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। मुंबई के महापौर पद को लेकर बोलते हुए नितेश राणे ने कहा कि “जो ‘I Love Mahadev’ कहने वाला होगा, वही मुंबई का मेयर बनेगा।” उनके इस बयान को सीधे तौर पर एआईएमआईएम, खान-पठान समुदाय और पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
AIMIM Controversial Remark: ओवैसी पर भी साधा निशाना

नितेश राणे ने अपने बयान में एआईएमआईएम पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “अगर एआईएमआईएम को मेयर बनाना है तो इसके लिए इस्लामाबाद या कराची जाना पड़ेगा। मुंबई में हिंदुत्व का खून है।” उन्होंने आगे कहा कि “यह महादेव की भूमि है और यहां सिर्फ एक ‘भगवधारी’ ही महापौर बन सकता है।” राणे के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
Mumbai Mayor Statement: उद्धव ठाकरे गुट पर जमकर बोला हमला
भाजपा नेता ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उद्धव ठाकरे को एआईएमआईएम से ज्यादा ठेस नहीं पहुंची होगी। इस बयान को आगामी बीएमसी चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां महापौर पद को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितेश राणे का यह बयान सीधे तौर पर हिंदुत्व बनाम अल्पसंख्यक राजनीति की बहस को तेज करने वाला है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक भी रही है। ऐसे में इस तरह के बयान चुनावी माहौल को और अधिक ध्रुवीकृत कर सकते हैं।
Nitesh Rane Statement: विपक्षी दलों ने राणे के बयान को बताया भड़काऊ

वहीं विपक्षी दलों ने नितेश राणे के बयान की आलोचना की है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) नेताओं का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी से सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है और लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचती है। एआईएमआईएम की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल नितेश राणे अपने बयान पर कायम हैं और भाजपा इसे हिंदुत्व की राजनीति से जोड़कर देख रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान का मुंबई की राजनीति और बीएमसी चुनावों पर क्या असर पड़ता है।
महाराष्ट्र में, 29 नगर पालिकाओं में 15 जनवरी को होने वाले चुनावों के लिए नामांकन में, ‘महायुति’ और ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) गठबंधन राज्य में प्रमुख शहरी निकायों पर नियंत्रण के लिए मुकाबला करेंगे। मतों की गिनती 16 जनवरी को होगी।
AIMIM’s Waris Pathan-“Why can’t a ‘Khan’ or ‘Pathan’ become mayor of Mumbai?”@NiteshNRane -“AIMIM go to Islamabad or Karachi for this. Mumbai has Hindutva DNA. In this land of Mahadev, only a ‘Bhagwadhaari’ will become mayor”
I hope Uddhav Thackeray isn’t hurt more than AIMIM. pic.twitter.com/qHvhxqdbGt
— BhikuMhatre (@MumbaichaDon) December 19, 2025


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