विदिशा: कृषि उपज मंडी में एक बार फिर किसानों के लिए नगद भुगतान के लिए परेशान होना पड़ेगा, क्योंकि व्यापारियों ने 10 हजार से अधिक नगद भुगतान न देने का निर्णय लिया है। तीन दिन तक 50 हजार रूपए नगद भुगतान करने के बाद व्यापारियों ने आयकर नियमों की विसंगतियों के कारण किसानों को अपनी उपज विक्रय के बाद 10 हजार तक ही नगद भुगतान देने का निर्णय लिया है।
किसानों को शेष राशि व्यापारी भुगतान चैंक , आरटीजीएस, या एनईएफटी के माध्यम से करेंगे , ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को 50 हजार रूपए नगद भुगतान देने के निर्देश जारी होने के बाद व्यापारियों ने मंडी में किसानों को 50 हजार रूपए नगद भुगतान देना शुरू कर दिया था, किन्तु आयकर नियमों की विसंगतियों के कारण व्यापारियों ने सामूहिक रूप से 10 तक नगद देने का निर्णय लिया।
इनका कहना है कि जब तक आयकर नियमों की विसंगतियां दूर नहीं हो जाती, व्यापारी 10 हजार रूपए तक ही नगद भुगतान कर पाएंगे। शासन की निर्देश के बाद कृषि उपज मंडी में नगद भुगतान मिलने के कारण आवक बढ़ गई थी, और बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर मंडी पहुंचने लगे थे, किन्तु अब नगद भुगतान बदं होने से किसानों की परेशानियां फिर बढ़ने लगी है।


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